राजनांदगांव। दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव की बालिका बास्केटबॉल टीम ने भारतीय स्कूल खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए 69वीं जूनियर स्कूल नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल एकेडमी के खिलाड़ियों से सजी डीपीएस राजनांदगांव की इस टीम ने सीबीएसई का प्रतिनिधित्व करते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जो स्कूल गेम्स फेडरेशन के 69 वर्षों के इतिहास में टीम गेम में किसी भी स्कूल द्वारा पहली बार किया गया कारनामा है।

फाइनल मुकाबले में सीबीएसई की टीम डीपीएस राजनांदगांव ने महाराष्ट्र की मजबूत टीम को 92-83 अंकों से पराजित कर खिताब पर कब्जा जमाया। इससे पहले सेमीफाइनल में टीम ने छत्तीसगढ़ को 48-22 अंकों से शिकस्त दी। लीग चरण में भी डीपीएस की बालिकाओं का दबदबा देखने को मिला, जहां उन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन को 50-23, डीएवी को 58-12 और मणिपुर की टीम को 45-02 अंकों से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद प्री-क्वार्टर फाइनल में झारखंड को 48-11 और क्वार्टर फाइनल में मध्यप्रदेश को 49-11 अंकों से परास्त कर टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया।

इस स्वर्णिम सफलता में टीम की खिलाड़ी रूमी कोनवर, अदिति कोडापे, सोफी सिका, काम्या झा, अंजनी, आर्या विजय अवारे, प्रेरणा, पुजीता, केथरीना नाजारथ, मुग्धा राजगुरू और नंदनी माधो प्रधान का शानदार योगदान रहा। उल्लेखनीय है कि डीपीएस राजनांदगांव की बालिका टीम सीबीएसई नेशनल बास्केटबॉल की स्वर्ण पदक विजेता होने के कारण सीधे स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में भाग ले रही थी।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय अंतर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रशिक्षक कालवा राजेश्वर राव एवं कालवा राधा राव को जाता है, जिनके कुशल प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में राजनांदगांव की बेटियां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। ये खिलाड़ी रेवाडिह स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय रेवाडिह एवं सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल एकेडमी के मैदान में नियमित अभ्यास करती हैं।

गौरतलब है कि डीपीएस राजनांदगांव की बालिका टीम ने पिछले वर्ष चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय शालेय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था, वहीं इस वर्ष की शुरुआत में सिंगापुर में आयोजित एनबीए राइजिंग स्टार इंटरनेशनल इन्विटेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में भी भाग लेकर देश का नाम रोशन किया था। इस प्रतियोगिता में डीपीएस राजनांदगांव की बालक टीम भी सीबीएसई का प्रतिनिधित्व करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंची। डीपीएस राजनांदगांव की यह ऐतिहासिक जीत न केवल स्कूल बल्कि पूरे राजनांदगांव और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बन गई है।
