नई दिल्ली। पड़ोसी देश पाकिस्तान एक बार फिर आतंकवाद को लेकर बेनकाब होता नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति की दुहाई देने वाला पाकिस्तान जमीनी हकीकत में आज भी आतंकियों को संरक्षण और मंच देता दिख रहा है। इसका ताजा उदाहरण पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से सामने आया है, जहां लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात आतंकी अबू मूसा कश्मीरी का एक भड़काऊ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस वीडियो में आतंकी अबू मूसा खुलेआम हिंदुओं के खिलाफ नफरत और हिंसा की भाषा बोलता दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह कहता सुना जा सकता है कि कश्मीर मुद्दे का समाधान बातचीत या लोकतांत्रिक प्रक्रिया से नहीं, बल्कि आतंकवाद और जिहाद के जरिए ही संभव है। उसने यहां तक कहा कि आज़ादी “भीख मांगने से नहीं, बल्कि हिंदुओं की गर्दन काटने से मिलेगी” और जिहाद का झंडा उठाने की अपील करता नजर आता है। हालांकि यह वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि अबू मूसा ने अपने इन्हीं विचारों को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और वरिष्ठ मंत्रियों तक के सामने रखा है। भले ही इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी हो, लेकिन यह संकेत जरूर देता है कि आतंकी संगठनों की पहुंच पाकिस्तान की सत्ता और सैन्य तंत्र के ऊपरी गलियारों तक बनी हुई है।
अबू मूसा कश्मीरी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक सक्रिय आतंकी है और संगठन के फ्रंट जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट (JKUM) का सीनियर कमांडर बताया जाता है। उसका नाम अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले से भी जुड़ चुका है, जहां वह हमलावर आतंकियों को निर्देश देता हुआ बताया गया था। उस हमले में उसके साथ रिजवान हनीफ नामक आतंकी की भूमिका भी सामने आई थी।
वीडियो में अबू मूसा सिर्फ भारत के खिलाफ जहर नहीं उगलता, बल्कि पाकिस्तानी नेतृत्व पर भी हमला करता नजर आता है। वह पाकिस्तानी नेताओं पर इस्लामी सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाते हुए कहता है कि जो नेता जिहाद के रास्ते पर नहीं चलता, उसे पाकिस्तान पर शासन करने का कोई हक नहीं है। उसने यह दावा भी किया कि वह पहले भी इसी तरह के बयान मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ हुई एक बैठक के दौरान दे चुका है।
इस भड़काऊ वीडियो के सामने आने का समय भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष ऑपरेशनल कमांडर और हाफिज सईद के करीबी सहयोगी अबू कताल की पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हत्या हुई है। अबू कताल जम्मू-कश्मीर में कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने के लिए कुख्यात था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी उसे राजौरी के ढांगरी गांव में 1 जनवरी 2023 को हुए आतंकी हमले की चार्जशीट में नामजद किया था, जिसमें सात निर्दोष लोगों की जान गई थी।
PoK से सामने आए इस वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे बढ़ावा क्यों देता रहा है। वीडियो के वायरल होते ही भारत की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है।
