बलौदाबाजार। जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी सख्ती के साथ मैदान में उतर आया है। बिचौलियों और अनियमितताओं पर लगाम कसते हुए कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर लगातार निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इसी कार्रवाई के तहत एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने धान खरीदी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
जिला सहकारी बैंक सिमगा के अंतर्गत आने वाले उपार्जन केंद्र मनोहरा में 5 जनवरी 2026 को किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान धान के भंडारण में गंभीर गड़बड़ी पाई गई। जांच में 124.80 क्विंटल धान, यानी 313 बोरा, कम मिला, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2,95,651.20 बताई गई है। यह कमी सामान्य त्रुटि नहीं बल्कि गंभीर अनियमितता मानी गई, जिसे प्रशासन ने शासन की संपत्ति को छलपूर्वक हानि पहुंचाने का मामला करार दिया है।
प्राथमिक जांच में धान खरीदी प्रभारी ऋषि कुमार शर्मा की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर मामले को गंभीरता से लिया गया। उपायुक्त सहकारिता के निर्देश पर 13 जनवरी 2026 को थाना हथबंद में ऋषि कुमार शर्मा के खिलाफ BNS की धारा 316 और 318 के तहत अमानत में खयानत का अपराध दर्ज कराया गया। FIR दर्ज होते ही जिले में हड़कंप मच गया है और धान खरीदी से जुड़े अन्य केंद्रों पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
