जांजगीर-चांपा। जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू अपने ही पार्टी के नेता द्वारा बिछाए जाल में फंस गए हैं या सत्ताधारी पार्टी का दबाव है? जिले में चर्चाओं का दौर जारी है। खबरों के मुताबिक, विधायक बालेश्वर साहू पर किसानों से धोखाधड़ी का आरोप है और उन्हें जेल भेज दिया गया है। इससे कांग्रेस पार्टी बैकफुट पर आ गई है और इसे सियासी झटका माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के अंदरखाने से खबर आ रही कि विधायक को फंसाने के पीछे उनके ही पार्टी ने नेताओं का साजिश हो सकता हैं। यह बात इसलिए भी हो रही है कि एन विधानसभा चुनाव के समय बालेश्वर साहू के करीबियों ने ही उनका एक पुराना जुआ खेलते वीडियो वायरल कर दिया था, जिसमें खूब बवाल मचा था। हालांकि वे चुनाव जीत गए थे, लेकिन वायरल करने वालो की मंशा उनको बदनाम करने की थी। ठीक इस घटना को भी उसी कड़ी से जोड़ कर देखा जा रहा हैं। शहर में लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं। इसके पूर्व भी विधायक साहू पर कई गंभीर आरोप लगे है।
क्या है मामला…
विधायक पर आरोप है कि उन्होंने सहकारी बैंक में नौकरी के वक्त किसानों से धोखाधड़ी की है। पुलिस ने धोखाधड़ी, गबन और धमकी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। विधायक ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने पुलिस को जांच का आदेश दिया था। विधायक पर एक किसान से 42 लाख 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है, जिसमें उन्होंने किसान को लोन दिलाने का झांसा देकर उसके 10 ब्लैंक चेक ले लिए और फर्जी हस्ताक्षर कर पैसे निकाल लिए।
कांग्रेस का प्रतिक्रिया…
विधायक बालेश्वर साहू की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार के दबाव के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने इसे बदले की भावना और सरकार का साजिश बताया है। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी डरने वाली नहीं है। हम सब बालेश्वर साहू के साथ खड़े हैं।
पुलिस का कहना हैं…
जांच में सबूत मिले हैं और विधायक को अदालत ने 22 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। 2 संदूक दस्तावेज है जिसके आधार पर कोर्ट ने कार्रवाई की हैं। पुलिस ने विधायक साहू और उनके सहयोगी गौतम राठौर के खिलाफ धारा 420, 468, 267 और 34 के तहत केस दर्ज किया हैं।
बीजेपी का प्रतिक्रिया…
बीजेपी नेता नारायण चंदेल ने विधायक साहू की गिरफ्तारी और निलंबन की मांग की है। उन्होंने कहा कि विधायक साहू ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए आर्थिक अनियमितताओं को अंजाम दिया है। किसानों से धोखाधड़ी ठगी किया हैं। कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर जेल भेजा हैं। इसको पद पर रहने अधिकार नहीं हैं।
