अम्बिकापुर। सरगुजा जिले में पशु क्रूरता और अवैध तस्करी के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। थाना बतौली पुलिस टीम ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से छह रास भैंसे (मवेशी) भी सुरक्षित रूप से जब्त किए गए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पोकसरी निवासी विश्वनाथ यादव ने थाना बतौली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 जनवरी 2026 को ग्राम भटको लगरू चौक के पास कुछ लोग छह भैंसों को मारते-पीटते, दौड़ाते हुए और भूखा-प्यासा रखकर निर्दयता से पैदल हांकते हुए तस्करी के उद्देश्य से बुचड़खाना ले जा रहे थे। शिकायत के आधार पर थाना बतौली में अपराध क्रमांक 05/26 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(घ) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मौके से आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना नाम तेजू बरगाह (45 वर्ष), शिवरचन नगेशिया (50 वर्ष) और मुनेश बरगाह (35 वर्ष), सभी निवासी पाटीपारा थाना दरिमा बताया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे छह भैंसों को पाटीपारा से कठरापारा की ओर बुचड़खाना ले जा रहे थे और यह काम वे नवरतन बरगाह के कहने पर कर रहे थे। पुलिस ने तत्काल छह रास मवेशियों को जब्त कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने इस मामले में शामिल चौथे आरोपी नवरतन बरगाह (60 वर्ष) निवासी शिवनाथपुर थाना सीतापुर को भी पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में उसने भी मवेशियों को बुचड़खाना ले जाने की बात स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी बतौली निरीक्षक विवेक सेंगर के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक नारायण सिंह मरावी, प्रधान आरक्षक अनूप कुजुर, महिला आरक्षक मेरी क्लारेट सहित पुलिस टीम के अन्य जवान सक्रिय रूप से शामिल रहे।
