
जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी में जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर बड़े नेताओं की सिफारिश चली. पार्टी से बगावत करने वालो को जिलाध्यक्ष बनाया गया है. पार्टी के लिए पसीना बहाने वाले कार्यकर्ताओं को निराशा हाथ लगी. कहने को तो कांग्रेस बड़ी-बड़ी बातें करता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग है। आखिरकार मंहत समर्थकों पर ही मुहर लगी। डॉ महंत के आजू बाजू रहने वाले नेताओं को ही जिलाध्यक्ष बनाया गया हैं।
आज 41 जिला अध्यक्षों की लिस्ट जारी हुई है.जिसमें ज्यादातर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति बड़े नेताओं के सिफारिश से ही हुई है.यहां तक वर्षों पार्टी झंडा उठाने वाले कांग्रेस के छोटे कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया गया है.कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्षों की नियुक्ति किया गया, जिसमें सभी जिलों में पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे.परीक्षकों द्वारा कहा गया था कि बड़े नेताओं की सिफारिश नहीं चलेगी,कार्यकर्ताओं की रायसुमारी कर दावेदारों की क्वालिटी एवं पार्टी के प्रति निष्ठा, ईमानदारी रखने वाले कार्यकर्ताओं को ही जिलाध्यक्ष बनाया जाएगा.लेकिन जांजगीर चांपा जिले के अलावा पूरे प्रदेश में इन सब चीजों को अनदेखा किया गया।
जांजगीर चांपा जिले की बात करे चांपा के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल को कांग्रेस कमेटी का जिला अध्यक्ष बनाया गया .जो छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत काफी ग़रीबी है. इन्हीं के नाम पर ज्यादातर लोग जिलाध्यक्ष बनने का कयास लगा रहे थे. और इन्हीं के नाम पर ही मोहर लगी. आखिरकार वही हुआ जी लोग चर्चा कर रहे थे. फिर एक बार डॉ महंत की चली. छोटे कार्यकर्ता ठगे गए, जो वर्षों से पार्टी के प्रति निष्ठा, ईमानदारी से झंडा उठाते हैं.उनको अनदेखा किया गया.पर्यवेक्षक की पूरी बात झूठी निकली। आखिरकार सिफारिश काम आई।
इसीलिए कांग्रेस की आज एसी स्थिति है. जिसके कारण छोटे कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं मिलता. निष्ठा, ईमानदारी से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को हमेशा अनदेखा किया जाता है। जिसके कारण छोटे कार्यकर्ताओं की पूछ परख नहीं होती.जांजगीर चांपा से जिला अध्यक्ष बने राजेश अग्रवाल पहले पार्टी से निष्कासित थे, नगर पालिका चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस से बगावत करके निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था.जिसके कारण पार्टी से बाहर कर दिए थे.अब वही पार्टी ने उन्हें जिला अध्यक्ष का पद पर बैठाया है जिसे कार्यकर्ताओं में नाराजगी हैं।




