
बलरामपुर। शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर में दीक्षारंभ समारोह 2025 का भव्य आयोजन गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत कर उन्हें उच्च शिक्षा की मूल भावना, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, शिक्षकों, अभिभावकों और जनभागीदारी समिति के सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। मंच पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में ओम प्रकाश जायसवाल, लोधिराम एक्का, मंगलम पांडेय, गौतम सिंह, बबली संबल, भानुप्रकाश दीक्षित, सी. बी. सिंह, समीर सिंह देव, गोपाल कृष्ण मिश्र, धुरंधर तिवारी, विजय प्रताप सिंह, दीनानाथ यादव, जयप्रकाश संबल, अजय गुप्ता, अमरेश्वर सिंह, विनय पाठक, मंजीत सिंह, लवकुश सिंह और शिवलाल प्रजापति उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य एन. के. देवांगन ने की।
मुख्य वक्ता ओम प्रकाश जायसवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को देश की आत्मा से जुड़ी बताते हुए कहा कि यह नीति न केवल पाठ्यक्रम में बदलाव, बल्कि सोच और दृष्टिकोण में परिवर्तन लाने वाली है। उन्होंने इसे विद्यार्थी जीवन में चरित्र निर्माण की आधारशिला बताया और युवाओं से राष्ट्रहित, अनुशासन और सेवा की भावना के साथ शिक्षा ग्रहण करने की अपील की।
लोधिराम एक्का ने महाविद्यालय को संसाधन, पारदर्शिता और जनसहयोग से सशक्त बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने नई शिक्षा नीति को ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लिए लाभकारी बताया और विद्यार्थियों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की बात कही। गौतम सिंह ने ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारण और उसकी ओर निष्ठापूर्वक प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं।
भानुप्रकाश दीक्षित ने कॉलेज के गौरवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए विद्यार्थियों से अनुशासन और अध्ययन को जीवन का धर्म मानने का आग्रह किया। उन्होंने डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास और नैतिकता को शिक्षा का आवश्यक हिस्सा बताया।
प्राचार्य एन. के. देवांगन ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि दीक्षारंभ समारोह केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को आदर्श, अनुशासन, अध्ययनशीलता और सामाजिक चेतना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया और सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
दीक्षारंभ समारोह की शुरुआत मां सरस्वती की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और राजकीय गीत ने समारोह को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों का पारंपरिक विधि से स्वागत कर उन्हें महाविद्यालय के शैक्षणिक, नैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण से परिचित कराया गया।
विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक एन. के. सिंह ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. अर्चना गुप्ता ने किया। उन्होंने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।