Alert! कोरोना का नया स्ट्रेन आया सामने… ओमिक्रॉन से ज्यादा खतरनाक! WHO ने जताई चिंता

दुनिया के कई देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट BA.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन वैरिएंट) के मामले तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। अध्ययनों में इसे ओमिक्रॉन के मूल वैरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक बताया जा रहा है। चीन और यूरोप के कई हिस्सों में इस वैरिएंट के बढ़ते मामलों के चलते एक बार फिर से लॉकडाउन लगाने की नौबत आ गई है। इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की हालिया रिपोर्ट ने वैज्ञानिकों की चिंता और बढ़ा दी है। डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिकों ने बताया है कि कई स्थानों पर ओमिक्रॉन वैरिएंट में म्यूटेशन का पता चला है, जो इसे और भी खतरनाक और संक्रामक बना रहा है। इसे XE स्ट्रेन नाम दिया गया है।

डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना का XE स्ट्रेन, दो ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट का हाइब्रिड वर्जन है। मतलब यह ओमिक्रॉन BA.1 और ओमिक्रॉन BA.2 के संयोजन से तैयार हुआ है। प्रारंभिक अध्ययनों से पता चलता है कि अब तक सबसे संक्रामक माने जा रहे स्टील्थ ओमिक्रॉन की तुलना में यह 10 फीसदी तेजी से बढ़ और संक्रमण फैला सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के इस तरह के बढ़ते खतरे को देखते हुए सभी देशों को अलर्ट हो जाना चाहिए। आइए आगे की स्लाइडों में इस नए खतरे के बारे में विस्तार से जानते हैं।

कोरोना का नया खतरा

रिपोर्ट के मुताबिक यह नया XE स्ट्रेन, ओमिक्रॉन के दो स्ट्रेनों में हुए म्यूटेशन और संयोजन से उत्पन्न हुआ है। वैसे तो वैश्विक स्तर पर इसके मामले फिलहाल कम हैं पर जिस तरह से इसे अध्ययनों में संक्रामक बताया जा रहा है. ऐसे में यह समस्याओं को बढ़ा सकता है। ओमिक्रॉन के अब तक तीन हाइब्रिड या संयोजक स्ट्रेनों XD, XE, XF का पता चला है। इसमें से पहले दो डेल्टा और ओमाइक्रोन का संयोजन हैं जबकि तीसरा ओमिक्रॉन के दो सब-वैरिएंट का हाइब्रिड स्ट्रेन है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले दिनों एक रिपोर्ट में XE स्ट्रेन के प्रारंभिक निष्कर्षों के बारे में बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक- XE स्ट्रेन के बारे में पहली बार यूनाइटेड किंगडम में 19 जनवरी को पता चला था। शुरुआती अनुमान के अनुसार BA की तुलना में इसका कम्युनिटी ग्रोथ रेट 10 फीसदी अधिक पाया गया है। ऐसे में आशंका है कि यह तेजी से लोगों को संक्रमित कर सकता है। यह किस प्रकार के लक्षणों वाला होगा या फिर इसके मामले कितने गंभीर हो सकते हैं, इस बारे में आगे के शोध जारी हैं।

गंभीरता और संक्रामकता दर जानने के लिए अध्ययन
डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों ने बताया है कि जब तक XE म्यूटेंट की गंभीरता और संचरण सहित इसकी प्रकृति के बारे में विस्तार से पता नहीं चल जाता है तब तक इसे ओमिक्रॉन वैरिएंट के हिस्से के रूप में वर्गीकृत किया गया है। फिलहाल सभी देशों को ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स और म्यूटेंट के बढ़ते मामलों पर विशेष गौर करते रहने की आवश्यकता है। अब तक यूके में XE म्यूटेंट के करीब 600 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

वैरिएंट्स का संयोजन हो सकता है खतरनाक

इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने ओमिक्रॉन और डेल्टा के संयोजक रूप को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि ओमाइक्रोन और डेल्टा दोनों बड़े पैमाने पर फैल रहे हैं, इनके संयोजन से तैयार होने वाला स्ट्रेन अधिक संक्रामक और गंभीर लक्षणों वाला हो सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के शीर्ष चिकित्सा सलाहकार और वैज्ञानिक डॉ एंथनी फौसी के मुताबिक ओमिक्रॉन के वैरिएंट्स और सब-वैरिएंट्स की तुलना XE स्ट्रेन  50-60 फीसदी अधिक संचरणीय हो सकता है। फिलहाल वैश्विक स्तर पर कोरोना से बचाव को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।