मोर आवास मोर अधिकार रोक रहे हैं भूपेश सरकार

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गरीबों के आवास छीना। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सवाल करते हुए कहा कि क्या किसी योजना में सिर्फ प्रधानमंत्री शब्द जुड़ा है इसलिए प्रदेश की आम गरीब जनता को उस योजना का लाभ आप नहीं देंगे। स्तरहीन बयानों के लिए पहचान बना चुकी छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार गरीबों के सबसे बड़े सपने को पूरा नहीं होने दे रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने कहा कि 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश के प्रत्येक आवासहीन को मकान देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना प्रारंभ की जिसका लक्ष्य था कि 2022 तक देश में प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं का मकान हो। कोरोना काल के कारण इसे बढ़ाकर 2024 किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना में 2011 सर्वे सूची के अनुसार मकान बनने थे फिर 2016 में आवास प्लस के नाम से केंद्र सरकार ने एक योजना लाई। जिसमें 2011 की सर्वे सूची में छूटे नाम तथा किन्हीं कारणों से 2011 के रद्द आवेदन को मिलाकर फिर सर्वे सूची बनाई गई जिसमें छत्तीसगढ़ में कुल 16 लाख हितग्राही पाए गए।

योजना प्रारंभ होने के प्रथम वर्षों में छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी और इस दौरान हमने लगभग 7.50 लाख मकान बनाएं।

वर्ष / छत्तीसगढ़ को मिला लक्ष्य / आवास पूर्ण
2016-17 / 2,32,903 / 2,30,000
2017-18 / 2,06,000 / 2,01,000
2018-19 / 3,48,960 / 3,25,765

7.87 लाख / 7.56 लाख

उन्होंने कहा कि 2018 के पहले देश में प्रधानमंत्री आवास निर्माण में छत्तीसगढ़ अव्वल स्थान में था। लेकिन 2018 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास बनना बंद हो गए । साथ ही पूर्व में जो मकान बन रहे थे उनकी किश्त भी इस भूपेश सरकार ने देनी बंद कर दी। पिछले 4 वर्ष में भूपेश सरकार में यह सारे कार्य बंद पड़े हैं और जिन लोगों ने प्रधानमंत्री आवास की आस में अपनी झोपड़िया तोड़ दी वे भी अब किराए के मकान में रहने को बाध्य है और दोहरी मार झेल रहे है।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी कहते हैं कि योजना में प्रधानमंत्री शब्द जुड़ा है इसलिए पूरा पैसा प्रधानमंत्री जी भेजें। आजादी के बाद सालों साल देश में अनेक योजनाओं सड़कों और इमारतों के नाम गांधी परिवार के नाम पर रखे गए। प्रदेश में राजीव युवा मितान क्लब के नाम से ही पैसे की बंदरबांट कर रहे हैं। भूपेश बघेल जी जरा स्पष्ट करें कि उपरोक्त योजनाओं में देश का और छत्तीसगढ़ प्रदेश का पैसा था या गांधी परिवार के घरों से पैसे आते थे। गरीब के सपने को तोड़ने के लिए ऐसा स्तरहीन बयान प्रदेश के मुखिया को शोभा नहीं देता।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना एक लक्ष्य निर्धारित योजना है जिसके तहत समय सीमा के अंदर कार्य पूर्ण कराना महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में केंद्र के मंत्री व सचिव स्तर के अधिकारियों द्वारा लगातार प्रदेश सरकार से पत्र व्यवहार कर कार्य में प्रगति लाने का अनुरोध किया जाता रहा। केंद्र सरकार ने 17 जून 2021 और 6 जुलाई 2021 को सरकार को प्रधानमंत्री आवास योजना में गति लाने के लिए पत्र व्यवहार किया। और स्पष्ट बताया गया था कि 31 जुलाई 21 तक अगर तय सीमा में यह कार्य स्वीकृत नहीं किया जाएगा तो इसे पूर्ण करने की पूरी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी। और 2016 के सर्वे सूची के आधार पर आवास प्लस योजना का लाभ छत्तीसगढ़ की सरकार को नहीं मिलेगा।

उन्होंने कहा कि 16 सितंबर 21 को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पत्र लिखकर पुनः राज्य सरकार को आगाह किया कि 781999 मकानों की स्वीकृति की प्रक्रिया अत्यंत धीमी है इसे 31 अक्टूबर 2021 तक पूर्ण करें। और राज्य सरकार ने राज्यांश के 562 करोड़ रुपए जारी नहीं किए है उसे भी शीघ्र निर्गत करें। परंतु राज्य के मुखिया भूपेश बघेल जी ने आवासहीनों से दुर्भावना के तहत इन पत्रों पर कोई संज्ञान नहीं लिया। भूपेश बघेल के व्यवहार से दुखी होकर छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री टीएस सिंह देव जी ने 16 जुलाई 2022 को एक पत्र लिखा माननीय भूपेश बघेल, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के आवास विहीन लोगों को आवास बनाकर दिया जाना था। जिसके लिए मैंने कई बार आपसे चर्चा कर राशि आवंटन को अनुरोध किया था। किन्तु इस योजना में राशि उपलब्ध नहीं की जा सकी, फलस्वरूप प्रदेश के लगभग 8 लाख लोगों के लिए आवास नहीं बनाये जा सके। इसके अतिरिक्त 8 लाख घर बनाने में से करीब 10 हजार करोड प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सहायक होते हमारे जन घोषणा पत्र में छत्तीसगढ़ के 36 लक्ष्य अंतर्गत ग्रामीण आवास का अधिकार प्रमुख रूप से उल्लेखित है। विचारणीय है कि प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बेधर लोगों के लिए एक भी आवास नहीं बनाया जा सका और योजना की प्रगति निरंक रही और मुझे दुःख है कि इस योजना का लाभ प्रदेश के आवास विहीन लोगों को नहीं मिल सका। इस पत्र के साथ पंचायत मंत्री ने अपना इस्तीफा सरकार को सौंप दिया सरकार ने इस्तीफा तो ले लिया अब परंतु प्रधानमंत्री आवास बनाने की दिशा में कोई भी प्रगति नहीं की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने कहा कि प्रदेश के आवासहीनों को उनका हक दिलाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने संकल्प लिया और मोर आवास मोर अधिकार आंदोलन प्रारंभ किया। इसके तहत हमने प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक तहसील, प्रत्येक शहरों में आवासहिनो से फार्म भरवाए। अभी तक हम लगभग 8500 ग्राम पंचायतों व शहरी क्षेत्रों में वार्डों के 9 लाख परिवारों से मिलकर 7 लाख फार्म जमा करवा चुके है । योजना के अगले चरण में हमने प्रत्येक विधानसभा में आवासहीन प्रभावितों को लेकर कांग्रेसी विधायकों के निवास का घेराव किया। अब तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में घेराव हो चुका है जहां भारतीय जनता पार्टी या अन्य दलों के विधायक है वहां हमने सरकार का घेराव किया। इतने बड़े जनता आंदोलन के बावजूद यह सरकार गरीबों के हितों की ओर आंख मूंदे बैठी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आवासहीन जनता को उनका अधिकार दिलाने के लिए संकल्प बद्ध है। 15 मार्च को पूरे प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री आवास प्रभावितों को साथ लेकर लगभग एक लाख से अधिक संख्या में विधानसभा का घेराव करेंगे। पूरे प्रदेश से प्रधानमंत्री आवास प्रभावितों को इस आंदोलन में शामिल करने के लिए मंडल जिला व संभाग स्तर पर बैठकर प्रभाव प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश के 16 लाख आवासहीन परिवार, के 48 लाख जनता से वादा करते हैं कि जिनके नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में व 2016 की सर्वे सूची के अनुसार प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना में शामिल है। भाजपा की सरकार बनते ही प्रधानमंत्री आवास देने का कार्य करेंगे। इस दौरान मोर आवास-मोर अधिकार का पोस्टर और 8955113113 टोल फ्री नंबर भी जारी किया इस नंबर के माध्यम से प्रदेश के आवासहीन आंदोलन से सीधे जुड़ सकते हैं।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री व मोर आवास मोर अधिकार अभियान के संयोजक विजय शर्मा, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल, संजय श्रीवास्तव, प्रदेश भाजपा मंत्री रामू रोहरा मौजूद रहें।