भाजपा किसान मोर्चा ने किया ” रेल रोको आंदोलन”

भाजपा किसान मोर्चा ने अंबिकापुर मे स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू ना करने पर केन्द्र सरकार के खिलाफ जताई नाराजगी
RAIL ROKO ANDOLAN IN AMBIKAPUR

स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू ना करने का विरोध

भाजपा किसान मोर्चा के साथ भाजपा कार्यकर्ताओ ने किया प्रदर्शन

अंबिकापुर रेल्वे स्टेशन पर रोकी गई अंबिकापुर-मनेन्द्रगढ ट्रेन

अम्बिकापुर

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आहवान पर आज दिनांक 07 फरवरी 2014 को भाजपा किसान मोर्चा सरगुजा द्वारा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागु करने की मांग को लेकर एवं केन्द्र द्वारा धान के समर्थन मुल्य को 2100 रू. करने की मांग को पूरा करने को लेकर सांकेतिक रेल रोको आंदोलन हस्त षिल्प बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अनिल सिंह मेजर के नेतृत्व में किया गया।

इस मौके पर हस्त षिल्प बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अनिल सिंह मेजर ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग का गठन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में लाया गया था, किन्तु आयोग की सिफारीस लागु होते ही केन्द्र की नई कांग्रेस की मनमोहन सरकार ने इसे दबा कर रख दी  इस आयोग का मुल उद्देष्य किसानों से जुडे़ हर क्षेत्र की विकास को लेकर  किया गया था किन्तु कांग्रेस की सरकार का इस ओर अभी तक ध्यान ही नहीं गया है, आज भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा यह मांग करती है कि केन्द्र की कांग्रेस सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारीस लागु कर किसानों के हित में चिंता करे।

भाजपा जिलाध्यक्ष कमलभान सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र के पत्र के अनुसार किये गये वादे 300 रू. बोनस देने का वादा पुरा किया साथ ही 2100 रू. समर्थन मुल्य हेतु, पहल भी शुरू कर दी गई, जिसके लिए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से आयोग की सिफारिष व न्युनतम समर्थन मुल्य 2100 रूपये करने के लिए पहल भी की है। छत्तीसगढ सरकार द्वारा किसानों के हित में एक हजार से उपर सिंचित क्षेत्र वाले नहर व पांच लाख से उपर की लागत की नहरों के सिंचाई क्षेत्र में सम्मुन्नति अंषदान राषि की भी छुट दी है। जिससे छोटे वर्ग के कृषकों को सीधा लाभ मिल रहा है और सिचाई पर आधारित कृषि पैदावार बढ़ी है।

      किसान मोर्चा के प्रदेष उपाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि धान के समर्थन मूल्य 2100 रू. से कम में कोई समझौता नही किया जायेगा, आयोग के द्वारा 21 प्रकार के फसलांे का समर्थन मुल्य न्युनतम मुल्य तय किया है। राज्य सरकार के द्वारा कृषियंत्रों में सबसीडी, बिजली की सुविधा, 300 रू. प्रति क्विंटल धान का समर्थन मुल्य जैसे योजनाए देकर किसानों की चिंता की है। लेकिन केन्द्र की कांगे्रस सरकार किसानों के साथ छलावा कर रही है। केन्द्र सरकार की इस ढूलमुल रवैये से किसान आर्थिक और सामाजिक संकटों से जुझ रहा है।

       अम्बिकेष केषरी ने कहा कि डाँ. रमन सिंह की सरकार द्वारा प्रदेष की किसानों के लिए फसल बीमा, कृषि ऋण, कृषि उपयोग हेतु बिजली, एकल बत्ती कनेक्षन, सिचाई के बेहतर संसाधन, उपलब्ध कराकर फसलों के पैदावार में रिकार्ड वृद्धि की है। जिसका श्रेय निःसंदेह किसानों को भी जाता है, जिस कारण भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने छत्तीसगढ के किसानों को उचित मुल्य प्राप्त हो अधिक पैदावार के लिए बोनस प्राप्त हो इसलिए केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि स्वामीनाथन आयोग के रिपोर्ट व सिफारिस को लागू किया जाए, जिससे कि किसान अपने फसल के पैदावार एवं उनके मुल्यों को लेकर भविष्य के निष्चिंत हो सकें।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष कमलभान सिंह, प्रषांत त्रिपाठी, ललन प्रताप सिंह, अम्बिकेष केषरी, राजकुमार बंसल, मुरारीलाल बंसल, श्रीमती सावित्री जायसवाल, श्रीमती माया मिश्रा, श्रीमती शकुन्तला पाण्डेय, शैलेष सिंह, निलेष सिंह, टिन्नी सिंह, मधुसुदन शुक्ला, मनीष सिंह, राजु पाण्डेय, अनुप गुप्ता, अजय सोनी, प्रयाग साहु, राजेष कष्यप, निष्चल सिंह, किषोर सिंह, विकास वर्मा, आकाष गुप्ता,मंजुषा भगत, मधु चैदहा, कमला वर्मा, कौषल्या यादव, आषा शुक्ला, सीमा नागभिरे, गिरजा ठाकुर, अनीता सिंह, नीता ठाकुर, तारा पाण्डेय, देवकी त्रिपाठी, किरन सोनी, सविता गुप्ता, सौरभ चकिवार, रंजीत दूबे, मुनेष राजवाडे, जन्मेजय मिश्रा, राजेष सिंह देवा, सत्येन्द्र सिंह, दिलीप भसीम, बबलु नेताम, रवि सिंह, बुधराम।