सैनिक स्कूल अभिवावक संघ को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत

अम्बिकापुर
अम्बिकापुर के मेण्ड्राकला स्थित नवनिर्मित सैनिक स्कूल अब प्रस्तावित मेडिकल कालेज को नही दिया जाएगा। क्योकि बिलासपुर उच्च न्यायालय ने राज्य शासन के आदेश को स्थगित कर दिया है। जिसमे सैनिक स्कूल के नए भवन को मेडिकल कालेज को देने की बात कही गई थी। सैनिक स्कूल के अभिवावक और सैनिक स्कूल के लोकल बाडी एडमिनेस्ट्रेटर गुलशेर खान की याचिका की सुनवाई करते हुए ,,बिलासपुर उच्च न्यायालय ने अभिवावक संघ को अंतरिम राहत दी है। दरअसल छत्तीसगढ का एक मात्र सैनिक स्कूल अम्बिकापुर मे स्थित है,, जिसकी स्थापना को 7 साल हो चुके है,, इस दौरान सैनिक स्कूल के नए भवन को 22 अक्टूबर 2014 को मेडिकल कालेज को दिए जाने से अभिवावक संघ ने विरोध जताया था । और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर अभिवावक संघ ने अपने निर्देश को वापस लेने की अपील की। इसी दौरान अभिवावक संघ के निवेदन पर केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने भी राज्य शासन और जिला प्रशासन को एक पत्र लिखकर सैनिक स्कूल के भवन को सैनिक स्कूल को हैंडओवर करने की बात कही थी। लेकिन इन सब के बावजूद जब अभिवावक संघ को राहत नही मिली थी। तो उन्होने बिलासपुर हाईकोर्ट की शरण ली। और अब हाईकोर्ट के अंतरिम राहत के फैसले से अभिवावक संघ मे स्वाभाविक खुशी का माहौल है,, क्योकि वर्तमान मे सैनिक स्कूल, आदिवासी विकास विभाग के एक खंडहर नुमा भवन में संचालित है,, जंहा सैनिक स्कूल जैसी उच्च शिक्षा के लिए बच्चो का उपयुक्त माहौल नही मिल पा रहा है। ये जानकारी सैनिक स्कूल के लोकल बाँडी एडमिनिस्ट्रेटर और अभिववाक के साथ ही याचिकाकर्ता गुलशेर अहमद ने दी है।