छग के जंगल मे पाए जाने वाला “खुखडी पूटू” बन गया 14 मौत का कारण … “राईस बीयर” की भूमिका भी अहम

[highlight color=”blue”]स्वास्थ अधिकारियो के मुताबिक खुखडी पूटू है मौत की वजह [/highlight]

 

[highlight color=”red”]अम्बिकापुर[/highlight]

छत्तीसगढ के शिमला के नाम से चर्चित मैनपाट इन दिनो लगातार हो रही मौते के लिए चर्चा मे है , लेकिन आप को जानकर हैरानी होगी कि क्षेत्र मे पिछले 20 दिनो मे 14 लोगो की असमय मृत्यु का कारण जंगल मे उगने वाले खुखडी पूटू और चावल से बनने वाली राईस बियर है। ये हम नही बल्कि जिले का स्वास्थ महकमा इस बात खुलकर कह रहा है। दरअसल बरसात के दिनो मे जंगल मे उगने वाला खूखडी पूटू केवल ग्रामीण इलाको मे ही नही बल्कि शहरी इलाको मे भी जमकर खाया जाने वाला जंगली खाद्य प्रदार्थ है। जंगल मे मिलने वाले इस खुखडी पूटू का जंगली मशरुम कहा जाता है। ऐसे मे जिला के स्वास्थ विभाग मे बैठे आला अधिकारियो मैनपाट क्षेत्र मे हो रही मौत के लिए जंगली खुखडी-पूटू का जिम्मेदार मान रहे है। दरअसल मैनपाट के असगंवा के मझवारपारा , नर्मदापुर के खालापारा और पैगा,कुदारीडीह जैसे गांवो मे पिछले 20 दिनो मे 14 लोगो की मौत हो गई है। जिसमे महिला पुरुष , बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल है। जिसको लेकर बिमारियो की जड जंगल मे होने वाले जंगली मशरुम को  माना जा रहा है। जबकि इस मामले मे प्रशासन औऱ स्वास्थ महकमे की ओर से अलग अलग बयान भी आ रहे है। कुछ का कहना है कि अब तक हुई विभिन्न मौत की वजह अलग अलग है , जबकि स्वास्थ हमकमे का साफ कहना है कि मौत की वजह खुखडी , पूटू और राईस बियर है।

मैनपाट मे उल्टी-दस्त से हो रही मौत के बाद सरगुजा कलेक्टर भीम सिंह ने बीते दिनो प्रभावित गांवो का दौरा किया था।  जिला प्रशासन ने क्षेत्र मे अलर्ट जारी करते हुए जंहा असगंवा गांव मे अस्थाई कैंप लगाकर चिकित्कीय दल तैनात कर दिया गया है। तो वही अब मौत के आकडे बढने के बाद समूचे क्षेत्र मे स्वास्थ के प्रति जागरुकता लाने और बिमार लोगो का चिन्हाकिंत करने के लिए स्वास्थ विभाग ने स्वास्थ कर्मियो को तैनात कर दिया है।  इस दौरान स्वास्थ कर्मी गांव के लोगो से ये अपील कर रहे है बरसात के दिनो मे जंगल मे उगने वाले खुखडी पूटू का सेवन ना करे … इतना ही नही स्वास्थ कर्मचारी लोगो को राईस बियर(हडिया) ना पीने की भी अपील कर रहे है। 25_06_2016-25srt07

[highlight color=”black”]मृतको के नाम [/highlight]

अम्बिकापुर मैनपाट में उल्टी दस्त से मरने वालो की संख्या 7 हो गई है । जिसमे असकला पंचायत मे रहने वाले मझवार जाति के तकदीर पिता सोमार 32 वर्ष, घोलटू पिता लक्षन 60 वर्ष, गुड्डी पिता रामचरण 1 वर्ष,टोपी पिता लोरा 65 वर्ष, बट्टू पिता रुरहा 62 वर्ष, तो वही पनिका जाति के मंगेश्वर दास पिता भैसा दास उम्र 38 वर्ष,  कुदारीडीह गांव की धनवंती यादव 45 वर्ष , नर्मदापुर के खालपारा के बोदी माझी  महिला सुंमत्री  और दिलबोध  की अब तक मौत हो गई है।

[highlight color=”black”]डाँ एन.के.पाण्डेय, सीएमएचओ, सरगुजा[/highlight]

नर्मदापुर के खालापारा मे हुई मौते के संबध मे जानकारी लेने पर डाँ एन के पाण्डेय ने बताया कि मृतको की मौत फूड प्वाईजनिंग से हुई है। हमारे हेल्थ वर्कर खालपारा मे मृतक के घर गए थे।  जिनके परिजनो ने बताया कि मृतक रात मे खुखडी खाद्य प्रदार्थ और हडिया शराब का सेवन किए थे और ये पहले से ही अस्वस्थ थे। क्षेत्र मे जो अलग अलग मौते हुई है । डाँ पाण्डेय ने बताया कि उनके विभाग के स्वास्थ कार्यकर्ता मैनपाट के घर घर पंहुच कर लोगो को जागरुक करने का प्रयास कर है और लोगो को समझाईस दे रहे है कि इस मौसम मे खुखडी , पुटु और चावल से बनने वाले हडिया शराब का सेवन ना करे लेकिन समझाईस के बाद भी लोगो मे जागरुकता नही आ रही है।