
रायपुर
- केन्द्रीय जल संसधान मंत्री सुश्री उमा भारती से छत्तीसगढ़ के
- जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने मुलाकात कर
- उठाया लंबित सिंचाई योजनाओं का मुद्दा
वामपंथ प्रभावित आदिवासी बाहुल्य राज्य छत्तीसगढ में केन्द्रीय सिंचाई परियोजनाओं के स्वीकृति में हो रहे विलम्ब को केन्द्र सरकार ने काफी गंभीरता से लिया है। श्रम षक्ति भवन नई दिल्ली में कल छत्तीसगढके जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री सुश्री उमा भारती से मुलाकात कर छत्तीसगढ की लम्बित सिंचाई परियोजनाओं पर उनका ध्यान आकृश्ट कराया है। केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री ने कहा कि, छत्तीसगढ में सिंचाई सुविधा को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र हर संभव मदद देगा। उन्होंने कहा कि, विषेश प्राथमिकता के साथ छत्तीसगढ की लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को षीघ्र अनुमति दी जावेगी। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ के उच्च षिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाष पाण्डेय भी उपस्थित थे।
श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, केन्द्र सरकार ने भू-जल विकास की योजना के तहत राज्य में 50 हजार ट्यूबवेल एवं बोर वेल का प्रावधान रखा था , परंतु बाद में इस लक्ष्य को कम कर 20 हजार के करीब कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि, छŸाीसगढ़ जैसे कृशि प्रधान राज्य जो कि लगभग 44 प्रतिषत वनाच्छादित है तथा यहां की भौगोलिक स्थिति के अनुसार , उपलब्ध सतही जल के कृशि क्षेत्र में उपयोग की सीमित संभावनायें है। इसके अलावा राज्य का बहुत बड़ा भाग वामपंथ प्रभावित है, जिससे सतही जल की जल संसाधन की योजनाओं के निर्माण में अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इन परिस्थितियों में राज्य के लघु एवं सीमांत कृशकों को समुचित सिंचाई क्षमता उपलब्ध कराने हेतु भू-जल का उपयोग ही उचित होगा।
श्री अग्रवाल ने केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री का ध्यान आकृश्ट कराते हुए बताया कि, राज्य के सात हजार 797 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा हेतु केन्द्र सरकार को प्रेशित 34 लघु सिंचाई योजनाओं की षीघ्र स्वीकृति दी जावे। उन्होंने कहा कि, राज्य की 34 लघु सिंचाई योजनाओं को त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम में सम्मिलित करने हेतु प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेशित किया गया है। इन योजनाओं की कुल लागत 124.24 करोड़ रूपये आंकी गई है। जिन्हें राज्य के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में 2 वर्शों के भीतर क्रियान्वित किया जावेगा। केन्द्रीय मंत्री ने इन सभी प्रस्तावों को गंभीरता से लेते हुए उनके षीघ्र निराकरण का आष्वासन दिया है।




