chhattisgarh-RAIGARH
रायगढ
छत्ताीसगढ राज्य का सीमावर्ती जिला रायगढ और इस जिले के सीमावर्ती गांव सूरजगढ के समीप से बहने वाली महानदी पर बना है छत्ताीसगढ राज्य का सबसे लम्बा पुल। 56 करोड 47 लाख रुपए की लागत से लगभग एक वर्ष पूर्व बनकर तैयार हुए इस पुल की लंबाई 1830 मीटर है। यह पुल छत्ताीसगढ राज्य और उडीसा प्रांत को सडक मार्ग से जोडने का माध्यम बन चुका है। इस पुल के बन जाने से एक ओर जहां रायगढ जिले के सरिया इलाके के सैकडों गांव के ग्रामीणों का पुसौर सहित जिला मुख्यालय रायगढ आना-जाना आसान हुआ है वहीं रायगढ-पुसौर होते हुए अब इस पुल के जरिए आसानी से सरिया और उडीसा जाया जा सकता है। इस पुल की उपयोगिता को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि महानदी पर बना यह पुल छत्ताीसगढ उडीसा प्रांत को जोडने और दूरियां घटाने का सबब साबित हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रायगढ और सरिया के लोगों की वर्षो पुरानी मांग पर सहमति जताते हुए 13 अगस्त 2008 को इस पुल के निर्माण की आधार शिला रखी थी। मुख्यमंत्री की विशेष रूचि के चलते इसका निर्माण अबाध गति से पूरा हुआ और बीते वर्ष उन्हीं के हाथों यह पुल जनता-जनार्दन को समर्पित किया गया। रायगढ जिले के बरमकेला ब्लाक के पुसौर से सरिया मार्ग पर सूरजगढ के समीप महानदी पर बने इस उच्च स्तरीय पुल में कुल 40 स्पॉन व 39 पीयर का निर्माण कराया गया है। प्रत्येक स्पॉन की लम्बाई 45.75 मीटर है। इस पुल से आवागमन की सुविधा के लिए पडिगांव से पुल के एक छोर तक 2 किलो मीटर से अधिक तथा पुल के दूसरे छोर से सरिया की ओर डेढ किलो मीटर से अधिक लंबाई का पहुंच मार्ग भी बनाया गया है।
रायगढ, पुसौर और सूरजगढ के लोगों को सरिया इलाके सहित उडीसा प्रांत के बरगढ क्षेत्र में जाने के लिए अब नॉव के जोखिम भरे सफर से छुटकारा मिल गया है। बरसात के दिनों में नॉव के जरिए महानदी के लगभग 2 किलोमीटर लम्बे पाठ को पार करना, मानो जान हथेली पर लेकर चलने के समान था। नाव से महानदी के इस लम्बे पाठ को पार करते समय अक्सर दुर्घटनाएं भी होती रहती थी। जिसके कारण कई लोग महानदी के काल के गाल में भी समा जाते थे। यह पुल सरिया क्षेत्र के लोगों के लिए आज वरदान साबित हो रहा है। यहां यह उल्लेखनीय है कि उडीसा के बरगढ जाने के लिए और सरिया के लोगों को पुसौर व जिला मुख्यालय रायगढ आने के लिए लम्बा सफर तय करना पडता था। इस पुल के बन जाने से दूरी घटी है और आवागमन आसान हुआ है। रायगढ के लोगों को उडीसा के बरगढ जाने के लिए बरसात के दिनों में चंद्रपुर से सराईपाली होते हुए जाना पडता था। रायगढ से बरगढ की दूरी 158 किलो मीटर थी। इस पुल के बन जाने से अब यह दूरी घटकर 100 किलोमीटर हो गई है।




