अधिराज डेवलपर एंड इंफ्रा प्रा.लि. कंपनी के चांपा स्थित जमीन को हथियाने का आरोप..शिकायतकर्ता ने किया पुलिस मुख्यालय मे शिकायत ..

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जांजगीर-चांपा। अधिराज बिल्डर्स के नाम पर कंपनी का दफ्तर खोलकर लोगों की गाढ़ी कमाई हजम करने के मामले में कंपनी के कई कर्ता-धर्ता सलाखों के पीछे है। वहीं अधिराज गु्रप की करोड़ों की भूमि इस जिले में भी है। इनमें से चांपा के परशुराम चैक के पास स्थित करीब सात करोड़ की भूमि को अवैध तरीके से हथियाने का आरोप है। पूरे मामले की शिकायत जयगोपाल सोनी ने चांपा थाने में की है।

आपकों बता दें कि फ्लैट व जमीन का सपना दिखाकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी मामले में पुलिस अधिराज डेवलपर और इंफ्रा प्रालि कंपनी के चार डायरेक्टरों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। उक्त कंपनी की आड़ में आरोपी पिछले कई सालों से रायपुर समेत बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा सहित अन्य जगहों में ठगी की दुकान चला रहे थे। दस्तावेजों के मुताबिक, चांपा में अधिराज गु्रप ने खसरा नंबर 896 में से 0.83( एकड़ भूमि जनकदुलारी से 28 मार्च 2014 को खरीदी। आदेश दिनांक 24 अप्रैल 2014 के जरिए उक्त भूमि अधिराज इंफ्रा स्टेट प्रालि के नाम पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया। अधिराज इंफ्रा स्टेट प्रालि द्वारा डायरेक्टर आलोक बाजपेयी, धीरेन्द्र बाजपेयी व पुरूषोत्तम शर्मा द्वारा 16 अगस्त 2016 को पंजीकृत भागीदारी विलेख तैयार किया गया। जबकि इसके एक माह पूर्व 1 जुलाई 2016 को पं. गिरिजा नंदन शिखर फर्म का पंजीयन क्रमांक 85ध्2016-17 कराया गया। दस्तावेजों के अनुसार इसके एक माह बाद यानी 1 सितंबर 2016 को कंपनी के डायरेक्टर आलोक बाजपेयी को रिटायर कर दिया गया, जबकि उक्त भूमि अभी गिरिजा नंदन शिखर के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। हालांकि दावा किया गया है कि उक्त भूमि के बदले राशि आलोक बाजपेयी को दे दी गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एक षड़यंत्र के तहत अधिराज गु्रप की भूमि को हथिया ली गई है। जयगोपाल सोनी ने इसकी शिकायत चांपा थाने मे की है। शिकायतकर्ता जयगोपाल सोनी का आरोप है कि आलोक बाजपेयी ािक चेंज डीड आफ पार्टनशिप के जरिए रिटायर करने तथा भूमि के बदले रकम देने का हवाला दिया गया है। जबकि इस संबंध मे वैध दस्तावेज रेरा व उपपंजीयक चांपा मे प्रस्तुत नही किया गया है। जबकि इन प्रकिया को पूरी करना अनिवार्य हैं।