प्रदेश की दो महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों पर..कांग्रेस के दोनों प्रत्याशियों के दिलचस्प है किस्से..दोनों की पहचान भी है अलग..पर एक ने तो बदल दिया इतिहास!..

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अम्बिकापुर..(कृष्णमोहन कुमार)..लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों में लगी कांग्रेस ने बीती रात राज्य की 11 में से 5 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामो की घोषणा कर दी है..जिन सीटों पर कांग्रेस ने प्रत्याशियों के नामो की घोषणा की है..उनमे सरगुजा और बस्तर लोकसभा सीटे शामिल है..

बता दे कि विधानसभा चुनाव 2018 में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने के बाद अब कांग्रेस पूरी तरह से यह मान रही है कि..राज्य की 11 लोकसभा सीटों पर वह बेहतर प्रदर्शन करेगी ..और इस दौरान कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचरण संहिता के लागू होते ही..6 दिनों में पांच सीटों पर प्रत्याशी चयन की मियाद को पूरा कर लिया है..और जिन प्रत्याशियों के चेहरों पर कांग्रेस ने दाव लगाया है..उसमे दिलचस्प तो यह है कि..बस्तर से कर्मा परिवार के करीबी और चित्रकोट सीट से विधायक दीपक बैज कांग्रेस के प्रत्याशी है..वही दूसरी ओर सरगुजा पैलेस के करीबी व मौजूदा दौर में प्रेमनगर सीट से विधायक खेलसाय सिंह भी लोकसभा चुनाव के मैदान में है..

पैलेस के भरोसेमंद है खेलसाय!..

बता दे कि 72 वर्षीय खेलसाय मौजूदा दौर में विधायक तो है ही..इसके साथ ही उन्हें हाल ही में राज्य सरकार ने उन्हें सरगुजा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद से भी नवाजा है..हालांकि खेलसाय इस सियासी मैदान में कितने सटीक फिट हो पाते है ..यह कह पाना थोड़ा मुश्किल जरूर है..लेकिन सरगुजा पैलेस के करीबी होने का उन्हें लाभ मिला है..खेलसाय सिंह वर्ष 1991 से लेकर 2004 तक तीन बार लगातार सरगुजा से सांसद रह चुके है..और यही वजह है कि उनके राजनैतिक कद को देखते हुए दिल्ली दरबार ने उनके नाम पर मुहर लगाई है..इसके अलावा खेलसाय सिंह को अविभाजित मध्यप्रदेश में राज्यमंत्री होने का गौरव भी प्राप्त है..

बस्तर लोकसभा सीट के सबसे कम उम्र के प्रत्याशी-दीपक!..

वही दूसरी ओर बस्तर लोकसभा सीट के प्रत्याशी दीपक बैज मौजूदा दौर में चित्रकोट विधानसभा से दूसरी बार विधायक है..दीपक ने अपनी राजनैतिक पारी कांग्रेस के दिवंगत नेता महेंद्र कर्मा के साथ रहकर शुरू की थी..और लंबे समय तक दीपक युवा कांग्रेस के विभिन्न पदों पर रहते हुए ..क्षेत्र में अपनी पैठ बना रहे थे..और सबसे अहम बात तो यह है कि दीपक ने बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा ब्लाक में टाटा स्टील के लिए अधिकृत की गई भूमि का ग्रामीणों के साथ विरोध करते देखे गए थे..और कांग्रेस ने सूबे में सरकार बनते ही किसानों को उनकी जमीने वापस कर दी ..लिहाजा दीपक बस्तर के लिए कमजोर तो नही है पर बस्तर लोकसभा सीट के इतिहास में शायद वे पहले युवा प्रत्याशी है…

बहरहाल प्रदेश की निर्णायक और महत्वपूर्ण माने जाने वाली बस्तर सीट पर पहले चरण व सरगुजा सीट पर तीसरे चरण में वोटिंग होना है..और इन सीटों पर प्रत्याशी चयन के लिए भी कांग्रेस को भारी जद्दोजहद करनी पड़ी थी..और अब सबकुछ तय है..तो जाहिर सी बात है कि इन दोनों सीटों पर सबकुछ ठीक नही होने पर बगावत के शुर उठ सकते है..जो चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकते है..

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