Thursday , January 18 2018
Home / आध्यात्म / तीर्थ स्थल (page 5)

तीर्थ स्थल

तीर्थ स्थल ,आध्यात्म की खबरें

अमरकंटक.. नर्मदा और सोन नदियों का यह उद्गम आदिकाल से ऋ़षि-मुनियों की तपोभूमि

  अमरकंटक भारत की प्रमुख सात नदियों में से अनुपम नर्मदा का उद्गम स्थल अमरकण्टक प्रसिद्ध तीर्थ और नयनाभिराम पर्यटन स्थल है। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की पुष्पराजगढ़ तहसील के दक्षिण-पूर्वी भाग में मैकल पर्वतमालाओं में स्थित अमरकण्टक भारत के पवित्र स्थलों में गिना जाता है। नर्मदा और सोन नदियों का यह उद्गम आदिकाल से ऋ़षि-मुनियों की तपोभूमि रहा है। …

Read More »

चित्रकूट…… ब्रम्हा, विष्णु, महेश के बाल अवतार का स्थान

  चित्रकूट प्राचीन काल में तपस्या और शांति का स्थल चित्रकूट ब्रम्हा, विष्णु, महेश के बाल अवतार का स्थान माना जाता है। वनवास के समय भगवान राम, सीता, लक्ष्मण महर्षि अत्रि तथा सती अनुसूया के अतिथि बनकर यहाँ रहे थे। प्राकृतिक सुषमा के बीच चित्रकूट में पर्यटक मानसिक शांति प्राप्त करते हैं। दर्शनीय स्थल रामघाट में मंदाकिनी नदी के तट …

Read More »

उज्जैन… महाकाल और कालभैरव

  उज्जैन पुण्य-सलिला क्षिप्रा के पूर्वी तट पर स्थित भारत की महाभागा नगरी उज्जयिनी को भारत की सांस्कृतिक-काया का मणि-चक्र माना गया है। पुराणों में उज्जयिनी, अवन्तिका, अमरावती, प्रतिकल्पा, कुमुद्धती आदि नामों से इसकी महिमा गायी गई है।   महाकवि कालीदास द्वारा वर्णित “श्री विशाला” एवं पुराणों में वर्णित “सार्वभौम” नगरी यही है। उज्जैन का सिंहस्थ पर्व प्रत्येक बारह वर्षों …

Read More »

दंतेवाडा का दंतेश्वरी मंदिर

महाराजा दक्ष के यज्ञ में महासती द्वारा देह त्याग के उपरांत देवी सती के अंग जहां-जहां विमोचित हुए वहां-वहां आद्य शक्तिपीठों की स्थापना हुई। महासती के दांत डंकिनी और शंखिनी नदियों के संगम स्थल के निकट भी गिरे थे, जिसके कारण कालांतर में वह क्षेत्र दंतेश्वरी शक्तिपीठ के नाम से विख्यात हुआ और संभवतः इस कारण उस नगर का नाम …

Read More »

सरगुजा और अंबिकापुर के तीर्थ स्थल.. मां महामाया की नगरी अंबिकापुर

सरगुजा संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर  की पूर्वी पहाडी पर प्राचिन महामाया देवी का मंदिर स्थित है।  महामाया या अम्बिका देवी के नाम पर सरगुजा संभाग के मुख्यालय का नामकरण अम्बिकापुर के रुप मे किया गया था।  मान्यताओ के मुताबिक अम्बिकापुर स्थित महामाया मन्दिर में महामाया देवी का धड स्थित है इनका सिर बिलासपुर जिले के रतनपुर के महामाया मन्दिर में है। …

Read More »

माता चंद्रसेनी के दर्शनमात्र से शरीर में होता है,, ऊर्जा का संचार

जहां-जहां धरती पर सती के अंग गिरे थे, वहां-वहां मां दुर्गा के शक्तिपीठ स्थापना स्वमेव मानी जाती है। उसी तरह महानदी व माण्ड नदी के बीच बसे चंद्रपुर में मां दुर्गा के 52 शक्तिपीठों में से एक स्वरूप मां चंद्रहासिनी के रूप में विराजित है। चंद्रमा की आकृति जैसा मुख होने के कारण इसकी प्रसिद्धि चंद्रहासिनी और चंद्रसेनी मां के नाम …

Read More »

खजुराहो और कोर्णाक से कम नही “भोरमदेव”

छत्तीसगढ,, इतिहास की बहुत सी  कलाओ के  उदाहरण अपने आंचल में समेटे हुए हैं। यहां के प्राचीन मंदिरों का सौंदर्य हर तरह से खजुराहो और कोणार्क की ही तरह है। राजधानी रायपुर से लगभग 116 किलोमीटर उत्तर दिशा की ओर सकरी नामक नदी के सुरम्य तट पर बसा कवर्धा नामक स्थल नैसर्गिक सुंदरता और प्राचीन सभ्यता को अपने भीतर समेटे …

Read More »