Thursday , December 14 2017
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दिल्ली के पर्यटन स्थल

tourist place in delhi

दिल्ली का लाल किला..

इस विशाल लाल किला की लाल बालुई पत्‍थर की दीवारें जमीन से 33 मीटर ऊंची हैं जो मुगल शासकों की राजसी शक्ति और प्रताप की याद दिलाती है। 1638 में निर्मित इस प्राचीर का निर्माण मुख्‍यत: आक्रमणकारियों से बचाने के लिए किया गया था। अब यह शहर के शोर शराबे से बचाती हैं।   लाहौरी गेट इसका मुख्‍य द्वार है …

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सफ़दरजंग का मकबरा..

हुमायूं के मकबरे की परंपरा में सफदरजंग का मकबरा दिल्‍ली का अंतिम परिबद्ध (चारों तरफ से बंद) बागीचों वाला मकबरा है, यद्यपि यह इतना भव्‍य नहीं है। 1753-54 में निर्मित मकबरा यह मुगल शासक मोहम्‍मद शाह के अधीन रहे अवध के नवाब सफदरजंग की कब्रगाह है।   इसमें कई मंडप है जिन्‍हें विचित्र नामों जैसे : जंगल महल (पैलेस ऑफ …

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कुतुब मीनार..

दिल्‍ली के अंतिम हिन्‍दू शासक की पराजय के तत्‍काल बाद 1193 में कुतुबुद्धीन ऐबक द्वारा इसे 73 मीटर ऊंची विजय मीनार के रूप में निर्मित कराया गया। इस इमारत की पांच मंजिलें हैं। प्रत्‍येक मंजिल में एक बालकनी है और इसका आधार 1.5 मी. व्‍यास का है जो धीरे-धीरे कम होते हुए शीर्ष पर 2.5 मीटर का व्‍यास रह जाता …

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दिल्ली का पुराना किला..

यह किला प्रगति मैदान से ज्‍यादा दूर नहीं है यह किला काफी निर्जन स्‍थान पर चारों तरफ बहुधा हरियाली है। दिल्‍ली इन्‍द्रप्रस्‍थ के कई अति प्राचीन शहरों के अवशेष पर निर्मित पुराना किला लगभग दो किलामीटर की परिधि में लगभग आयताकार में है।   इसकी मोटी प्राचीरों को कंगूरों द्वारा सुसज्जित किया गया इसमें तीन मार्ग है जिसके दोनों ओर …

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संसद भवन..

संसद भवन एक वर्तुल श्रेणी क्रम (स्‍तंमावली) भवन है। इसमें कई सचिवालय कार्यालय, कई समितियों के कक्ष और एक उत्‍कृष्‍ट पुस्‍तकालय है। इम्पीरियल शैली में निर्मित इस भवन में एक खुला प्रांगण तथा 144 स्‍तंभ है।   लकड़ी की दीवारों और तीन अर्धवर्तुल भवनों के साथ गुम्‍बदाकार वर्तुल केंद्रीय हाल जिसका प्रयोग राज्‍य सभा और लोक सभा की बैठकों के …

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लोधी का मकबरा..

पुराना ओल्‍ड लेडी वैलिन्‍गटन पार्क अब इसे लोदी गार्डन के नाम से पुकारा जाता है जिसमें सैयद और लोदीकालीन स्मारक हैं, जिनमें गुम्बद, मस्जिदें और पुल शामिल हैं।   मुहम्‍मद शाह और सिकन्‍दर लोदी के मकबरे अष्‍टभुजाकार मकबरे का अच्‍छा उदाहरण है। शीश और बड़ा गुम्‍बद वर्गाकार में हैं। जिसमें गुम्‍बद, किनारों पर कंगूरे और अग्रभाग की उपस्थिति के कारण …

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दिल्ली की जंतर मंतर

जंतर मंतर (यंत्र-उपकरण मंत्र : फार्मुला) का निर्माण 1724 ई. में पूरा हुआ था। जयपुर के महाराजा जयसिंह ने इस वेधशाला का निर्माण कराया था उन्‍होंने उज्‍जैन, वाराणसी और मथुरा मे इसी प्रकार की अन्‍य वेधशालाओं का निर्माण कराया था। जयसिंह को सही माप लेने के लिए मौजूदा अंतरीक्षीय उपकरण काफी छोटे लगे इसलिए उन्‍होंने बड़े और अधिक सही उपकरणों …

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जामा मस्जिद..

पुरानी दिल्‍ली की यह भव्‍य मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिद है इसके प्रांगण में 25,000 श्रद्धालु तक समाहित हो सकते हैं। इसका निर्माण 1644 में शुरू हुआ था और मुगल सम्राट शाहजहां जिन्‍होंने ताजमहल और लालकिला बनाया था उनकी अंतिम बेहद खर्चीली वास्‍तुकला की बानगी थी।   इस अलंकृत मस्जिद के तीन गेट चार मीनारें और 40 मीटर की …

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इंडिया गेट

नई दिल्‍ली के मध्‍य चौराहे में 42 मीटर ऊंचा इंडिया गेट है जो मेहराबदार “आर्क-द ट्रायम्‍फ” के रूप में है। इसके फ्रैंच काउंटरपार्ट के अनुरूप यहां 70,000 भारतीय सैनिकों का स्‍मारक है। जिन्‍होंने विश्‍व युद्ध-। के दौरान ब्रिटिश आर्मी के लिए अपनी जान गंवाई थी। इस स्‍मारक में अफगान युद्ध-1919 के दौरान पश्चिमोत्‍तर सीमांत (अब उत्‍तर-पश्चिम पाकिस्‍तान) में मारे गए …

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हुमायुं का मकबरा

मथुरा रोड और लोधी रोड की क्रासिंग के समीप स्थित, बागीचे के बीच बना यह शानदार मकबरा भारत में मुग़ल वास्तुकला का पहला महत्वपूर्ण उदाहरण है। इसका निर्माण हुमायूं की मृत्यु के बाद 1565 ई. में उसकी ज्येष्ठ विधवा बेगा बेगम ने करवाया था। चाहरदीवारी के भीतर बने चौरस बागीचे (चाहरबाग) सर्वाधिक देखने योग्य हैं नहरों के साथ बने पैदल …

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