Saturday, August 18, 2018

विशेष लेख : परंपराओं की गोद, कलाओं का पलना

केवलकृष्ण नांदगांव वही शहर है जो अक्सर पूछता है- जरा बताओ तो मेरे दोस्त तुम्हारी राजनीति क्या है। नांदगांव वही शहर है जो बताता है...

विशेष लेख : ये छत्तीसगढ़ है मेरी जान

 केवल कृष्ण गेंद उछली और धारणाओं के कोहरे को चीरती हुई निकल गई। बल्ले ने घूमकर ऐसा शाट लगाया कि अफवाहें, गलतफहमियां शीशे की तरह...

विशेष लेख : बहुत पुरानी बात नहीं, एक गांव था…

केवलकृष्ण अभी दिन ही कितने हुए हैं। सवा साल ही तो। किसी इलाके में इतनी थोड़ी अवधि में किसी बड़े परिवर्तन की उम्मीद कैसे की...

विशेष लेख : लाल पानी में दूध की धार

केवल कृष्ण ढोलकाल के शिखर पर गणपति मुस्कुरा रहे हैं। बादलों से लिपटी बैलाडीला की पहाड़ियां उचक-उचक कर देख रही हैं। शंखनी-डंकनी मचल रही हैं।...

अच्छी सड़कों से बढ़ने लगी विकास की रफ्तार…

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रमन ने बदली छत्तीसगढ़ के खेल जगत की तस्वीर

देश के किसी भी राज्य में खेलों के विकास और खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देकर एक बेहतर खेल वातावरण के निर्माण में वहां के...

रमनराज को आदिवासियो ने नकारा… क्या होगा आगामी पांच वर्ष

सम्पादकीय आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ मे तीसरी बार भाजपा को जनादेश मिला, और वो सरकार बना रही है। लेकिन सरगुजा और बस्तर मे सीटो का अप्रत्याशित...

हवाओ मे तीर चलाने वालो की निगाह से रविवार को हटेगा पर्दा.. जब सरकार...

सम्पादकीय... छत्तीसगढ विधानसभा के लिए कयालो के पुल बनाने वाले और हवाओ मे तीर चलाने वाले विश्लेषको की मन कल उस वक्त स्थिर होगा,, जब...

नतीजो के बाद धान खरीदी मे आएगी तेजी…. चुनावी घोषणा के लागू होने का...

  छत्तीसगढ मे हुए विधानसभा चुनाव के बाद राजनैतिक दल के लोग,, सत्ता हथियाने के लिए उपर वाले के दरबार मे भले ही माथा टेंक...
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