Thursday , December 14 2017
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वीना सिंह के लेख : परित्यक्त महिलाएं और सामाजिक वर्जनाएं

लेखिका वीना सिंह  परित्यक्ता शब्द ही पूरे तन और मन में एक पीड़ा का एहसास करा देता है। उन महिलाओं के अंर्तमन को कोई टटोल कर देखे जो निर्दोष होते हुए भी केवल पति के द्वारा ही नही बल्कि पूरे समूचे परिवार तथा समाज के द्वारा एक तिरस्कार भरा जीवन जीने को विवश हैं। आखिर उनका क्या कुसूर ? वे …

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वीना सिंह के लेख… बच्चों में घटते संस्कार…

आज भौतिक संस्कृति की बढ़ती चकाचौंध ने हमारे समाज को बुरी तरह प्रभावित किया है जिसने एक तरह की दिखावा संस्कृति को जन्म दिया है। जिसमें हर व्यक्ति अपनी ऊर्जा को प्रदर्षन में नश्ट कर रहा है। जिसका व्यक्तित्व विकास व औचित्य से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। इस दिखावे की संस्कृति से सबसे ज्यादा बच्चे और किषोर उत्साहित …

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पढ़े लेखिका – वीना सिंह का लेख.. समस्याओं से घिरा समाज

  हमारा समूचा समाज समस्याओं से ग्रसित है। हर किसी का जीवन उथल-पुथल से भरा पड़ा है। न चाहते हुए हम अनेकों समस्याओं का सामना करते रहते है। नित नई अनचाही समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। यह समस्याएं अनेको रूप में होती हैं जैसे- हिंसा  हत्या या आत्महत्या ए बलात्कार ए भ्रश्टाचार और भी अनेको ऐसे छोटे-बड़े अपराध एवं उनसे …

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“असमिया धुन मा छत्तीसगढ़िया राग छत्तीसगढ़ मा होइस पहुना संवाद”

वैभव शिव पाण्डेय की कलम से  आवा दे बेटी फागुन तिहार…मारबो बोकरा करबो शिकार…………हे वोति कोन सेन रे मुना महुआ रे………..। धुन असमिया हे…फेर बोल छत्तीसगढ़ी। अइसनेहे साझा संस्कृति ले रचे बसे हे लाखन परदेसी छत्तीसगढ़िया मन के जिनगी। वो छत्तीसगढ़िया मन के जिनगी जेन डेढ़ सौ बछर पहली असम राज खाय-कमाय बर गइन अउ उंहे के वोखे रहिगे। छत्तीसगढ़िया …

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ना बन बाचत हे ना भुइयां जल के घलोक हे छिनइयां…

“वैभव शिव ” की कलम से छत्तीसगढ़ हा पूरा देस मा एक ठिन अइसे राज हरय जिहां तीन जिनिस के कभु कमी नइ रहे हे। ये तीन जिनिस हरय बन, भुइयां अउ पानी। छत्तीसगढ़ मा जेन कोति भी जाहु, उत्ती ले लेके बुढ़ती अउ रक्क्छहु ले लेके भंडार कोति। सबो दिसा मा भरपुर बन, भुइयां अउ पानी मिलही। अउ इही …

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अब मंतरी मन बर रेड सिग्नल … लाल बत्ती खतरा हे !

वैभव शिव पाण्डेय रेड सिग्नल वइसे खतरा के निसान माने जाथे। फेर इही खतरा के निसान कोन जनि कब ले नेता-मंतरी ले के अधिकारी मन बर रुतबा के चिन्हारी बनगे मैं तो नइ जानव आप मन जानव होतु समझ लेहु। वइसे सच तो इही हरय के के लाल सिग्नल हा खतरा के ही निसानी हरय। जनता मन ला तो नेता-मंतरी, …

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कटाक्ष ! मीडिया पर ऊंगली उठाने वालो कि अब ऊंगली भी नही आ रही है नजर

मीडिया वेश्या नही दर्पण है ज़नाब  सोशल मीडिया और चंद प्रभावी अंधभक्तो ने पांच राज्यों के चुनाव नतीजो मे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की समीक्षा पर कई गंभीर सवाल उठाए थे,,  एक्जिटपोल के नतीजो के बाद मीडिया को वेश्या,  दलाल और विज्ञापन का अहसान उतारने वाला कह कर खूब माखौल उडाया था । ये सब बाते उस दौरान की गई जब देश …

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साहित्य : पं.प्रांजल शुक्ला की कलम से …..

पं. प्रांजल शुक्ला कोरबा छत्तीसगढ़   बरसात आँगन पे सावन की आई बहार, रिमझिम रिमझिम की फुहार,, बरसे रे बदरिया कही धुँवाधार, सरिता पे सदा की तरह तेज चली जब धार,, हरित हो गयी और ही हरियाली, चारो ओर छाई जब कही खुशहाली,, ऑसमा पे घटा छा रही उमड़ उमड़ कर काली, सुबह की भोर कहा गयी वो लाली,, बाग …

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जोगी का खुमार…भाजपा कांग्रेस को बुखार…..

रायपुर सोशल मीडिया में ताजा हलचल भाजपा ने जमकर बांटी रेवडिया… मोर्चा से लेकर प्रकोष्ठों तक ज्यादा से ज्यादा पदों के बंटवारे की मानो बाढ़ सी आ गई है… इस दौरान सोशल मीडिया में बम्फर नियुक्तियों पर महासेल टाइप की बम्पर बधाइयों से सोशल मीडिया का बाजार भी गर्म है और जोगी के खुमार से दोनो दलो के नेताओ को नेताओ …

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राज्य के चहुंमुखी विकास में महिलाओं की भागदारी…

 रायपुर                                                                                                                                                           लेखक-सुनीता केशरवानी स्त्री जननी और मानव जीवन का आधार स्तम्भ हैं। वह घरए परिवार और समाज को मजबूती प्रदान करने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। अगर हम छत्तीसगढ़ की महिलाओं को देखेंए तो पाएंगे कि प्रदेश के विकास में उनकी बराबर की भागीदारी रही है। महिला सशक्तिकरण के पक्षधर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉण् रमन सिंह का यह मानना है …

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