महासमुंद जिले का सियासी मिजाज मे राजबब्बर की सभा क्या रंग लगाएगी. पढिए सियासत के समीकरण..

1925

महासमुन्द…छत्तीसगढ़ में चुनावी सर्गमिया तेज हो चली है..जहाँ बस्तर सम्भाग और राजनांदगांव जिले की विधानसभा सीटों को मिलाकर 18 विधानसभा सीटों पर प्रथम चरण के मतदान 12 नवम्बर को होने है..तो ठीक वही प्रदेश की बाकी बचे 72 सीटों के लिए दूसरे चरण यानी 20 नवम्बर को मतदान होने है..और आज कांग्रेस के स्टार प्रचारक फ़िल्म अभिनेता राजब्बर महासमुन्द पहुँचने वाले है..जहाँ वे चुनावी सभा को सम्बोधित कर कांग्रेस के पक्ष में वोट मांगें गे…

दरसल जिले में 4 विधानसभा सीटे है..जिनमे महासमुन्द, खल्लारी,बसना, सरायपाली सीट शामिल है..मौजूदा दौर में महासमुन्द सीट को छोड़कर बाकी सीटों पर भाजपा का कब्जा है..और महासमुन्द 2013 के चुनाव में निर्दलीय के कब्जे गई थी..वही इस बार भाजपा ने खल्लारी,बसना,सरायपाली की सीटों पर नए चेहरों पर दांव लगाया है..
इसके अलावा कांग्रेस ने बसना सीट को छोड़कर तीन सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया है..

बता दे की महासमुन्द सीट पहले कांग्रेस का गढ़ रही है इस सीट पर तीन बार कांग्रेस के अग्नि चंद्राकर विधायक रहे है..और दो बार इस सीट पर सियासी समीकरण गड़बड़ाए थे जब एक बार इस सीट से भाजपा के पूनम चंद्राकर जीते और दूसरी बार निर्दलीय विमल चोपड़ा जीत कर आये..पर इस बार कांग्रेस अपने स्थानीय नेताओं को सन्तुष्ट करने में नाकाम रही है..यही वजह है की टिकट के प्रबल दावेदार रहे साहू समाज के मनोजकांत साहू निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर कांग्रेस के लिए सिर दर्द बन गए है..
महासमुन्द विधानसभा क्षेत्र में चंद्राकर(कुर्मी) और साहू समाज के वोटरों की भूमिका अहम रहती है..और दोनों समाज के आपसी मतभेद की वजह से 2013 के चुनाव में निर्दलीय विमल चोपड़ा को फायदा हुआ था..पर अब स्थिति बेहद जुदा है..चुनाव मैदान में कांग्रेस के विनोद चंद्राकर,भाजपा के पूनम चंद्राकर, छजका के त्रिभुवन महिलांग,निर्दलीय विमल चोपड़ा, निर्दलीय मनोजकांत साहू के बीच हार जीत का दांव लगा है..ऐसे में देखने वाली बात है की कांग्रेस के विनोद  चंद्राकर को स्टार प्रचारकों की सभा से कितना लाभ मिल सकेगा..