पोस्टकार्ड मे सीमा ने पीएम को लिखी ऐसी बात .. कि पीएम ने उसको अपने पास बुला लिया !

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बलरामपुर..देश मे नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही..स्वच्छता पर एक मुहिम छिड़ गई थी..जिसे खुद मोदी जी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छ भारत मिशन का नाम दिया था..और मोदी जी ने इस दिशा में एक योजना बनाते हुए .. भारत को स्वच्छ बनाने की कवायद प्रस्तुत की थी..वही जब खुद देश के प्रधानमंत्री इस मुहिम में लगे है..तो भला सरकारी अमला कैसे चुकता..सरकार ने भी भारत का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों से इस विषय पर सुझाव मंगवाए ,निबंध लेखन की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई..और इन सब के बीच छत्तीसगढ़ की एक बेटी के पोस्टकार्ड पर प्रधानमंत्री को लिखे गए एक संदेश को खूब सराहा गया..आलम यह था की बलरामपुर जिले की उस बेटी को अब खुद प्रधानमंत्री मंत्री पुरस्कृत करने वाले है…

दरसल स्वच्छता पर पोस्ट कार्ड पर सन्देश लिख कर प्रधानमंत्री को भेजने की एक प्रतियोगिता केंद्र सरकार ने आयोजित की जिसमे बलरामपुर जिले की वाड्रफनगर में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई करने वाली कक्षा सातवी की बालिका सीमा सिंह ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है ..जिसके लिए खुद प्रधानमंत्री उसे गांधी जयंती के दिन सम्मानित करने वाले है..जो बलरामपुर जिले का गौरव ही नही बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है..

वही स्थानीय प्रशासन ने भी सीमा को बधाई देते हुए ..उसे और उसके परिजनों को डिप्टी कलेक्टर ज्योति बबली बैरागी के नेतृत्व में देश की राजधानी दिल्ली के लिए रवाना कर दिया है..जहाँ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिवस 2 अक्टूबर के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीमा को सम्मानित करने वाले है..

बता दे की ग्रामीण परिवेश की सीमा गरीब परिवार से है..और वह वाड्रफनगर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही है..सीमा ने जो पोस्ट कार्ड सन्देश प्रधानमंत्री को भेजा उसमें उसने लिखा था की.. “प्रधानमंत्री जी प्रणाम मैं सीमा सिंह एक गरीब परिवार से हूं..और कक्षा सातवी में पढ़ती हूं.. मैं अपने आसपास से लेकर अपने गांव की स्वच्छता पर ध्यान दे रही हूं..मैं आपके स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर लोगो मे स्वछता के प्रति जागरूकता लाने का काम कर रही हूं.. पहले हम लोग गांव में बिना स्वच्छ वातावरण के बहुत बीमार पड़ते थे..और अब स्थिति बदली है..अब हम लोग फलों के बीजों का संग्रहण कर उसे धूप में सुखाते है..तथा बरसात के दिनों में उन्ही फलो के बीजों को पौधों का आकार देने जमीन में गाड़ देते है..जिससे वे बीज पौधों का रूप लेकर हमारे आसपास के वातावरण का स्वच्छ बना रहे..और यह सब मैं अपने जीवन भर करती रहूंगी”…सीमा के इस सन्देश ने प्रधानमंत्री को प्रभावित किया है.. और उसी का परिणाम है की सीमा आज देश भर के उक्त प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पछाड़ कर देश मे दूसरे स्थान पर पहुँची है..

इसके अलावा सीमा की इस उपलब्धि पर स्थानीय प्रशासन अब सीमा को जिले में स्वच्छता के प्रति लोगो मे जागरूकता लाने की कार्ययोजना में शामिल करने जा रहा है..या यूं कहें तो कक्षा सातवी सीमा अब स्वच्छता अभियान की रोल मॉडल होंगी …

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