लावारिस पड़े बक्से को खोला तो…. निकली गर्भवती महिला की लाश…..!

4862
कटनी: में हिंदी फिल्म की तर्ज पर एक महिला की हत्या करके अंग्रेजी फ़िल्म की तरह लाश को ठिकाने लगाने की नाकाम कोशिश की गई, इन्ही फिल्मों के क्लाइमेक्स की तरह ही ब्लांड मर्डर को सुलझते हुये पुलिस ने आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने कामयाब रही है,, आईये जानते है इस खास रिपोर्ट में !
       कहानी में रोमांस, ट्रेजडी, सस्पेंस, थ्रिलर, भी है, कहानी हिंदी फिल्म की तरह रोमांस से शुरू होती है, मोहब्बत परवान चढ़ती है और दो दिल एक हो जाते है, आशिक पति जेल चला जाता है, पेट मे पल रहे बच्चे को हक़ दिलाने एक मां अमीर ससुर से गुहार लगती है, अमीर ससुर खूनी साजिश के तहत बहू को समझौते के बहाने घर बुलाता है और किराये के गुंडों के जरिये मौत के घाट उतरवा देता है, हॉलीवूड फ़िल्म की तर्ज पर आरोपियों द्वारा बिना डरे घबराये लाश को ठिकाने लगाने बनाई जाती है, पेशेवर की तरह लाश एक कार्टून में पैक करके बाइक से बस स्टैंड ले जाई जाती है, त्योहार की वजह से बस न मिलने और पुलिस की सक्रियता से घबराये आरोपियों द्वारा लाश पैक कार्टून बस स्टैंड में ही छोड़कर भाग खड़े होते है, दूसरे दिन फिल्मी अंदाज में कार्टून पैक लाश मिलने से पूरा शहर सहम उठता है, भारी पुलिस बल के साथ अफसर द्वारा घटना स्थल मुआयना के बाद एक टास्क फोर्स बना दी जाती है, भूँसे के बोरे में गेहूं ढूंढने जैसे अंधे कत्ल की जांच तफ्तीश शुरू होती है, पुलिस की पैनी तफ्तीश रंग लाती है, ब्लाइंड मर्डर की अहम कड़ी एक रिक्शे वाले की निशानदेही पर इलाके के सीसीटीवी फुटेज तलाशे जाते है, सीसीटीवी फुटेज पुलिस को कातिलों को नजदीक ले जाते है, पुलिस टास्क फोर्स धीरे धीरे एक एक कर गिरफ्तार कर लेती है, पुलिस अपनी कामयाबी को मीडिया के सामने पेश करती है, इस तरह एक फिल्मी कहानी खत्म हो जाती है ।
      दरअसल कटनी कोतवाली थानाक्षेत्र के मिशन चौक स्थित बस स्टॉफ पर कार्टून में बंद सुमन पटेल नाम की महिला की लाश मिलने से हड़कंप मच गया था, महानगरों की तर्ज पर कार्टून में लाश मिलने से पूरा कटनी शहर सहम गया था, आपको बता दें कि सुमन पटेल और सतीश सरावगी ने बन्दकपुर में लव मैरिज की थी, पति सतीश के जेल जाने के बाद टिकुरिया निवासी सुमन  गाँधीगंज स्थित ससुराल के पास किराये के मकान में रहती थी, पुलिस की माने तो कथित ससुर संतोष सरावगी से सुमन संपत्ति में हिस्सा और 25 लाख नकद देने का दबाव बना रही थी, इस कारण ससुर संतोष ने गोंदिया निवासी संपत अग्रवाल और उसके साथी अनिल सेन्डे के साथ मिलकर सुमन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई, साजिश के तहत ससुर संतोष सरावगी ने बातचीत के बहाने सुमन पटेल को अपने घर बुलाया, जहां सुमन से समझौते की बातचीत शुरू हुई, लेकिन सुमन 25 लाख रूपए नगद और संपत्ति में हिस्से की मांग पर अड़ गयी, इसी दौरान आक्रोशित संतोष सरावगी ने सुमन पटेल के पेट में जोरदार लात मारी जिससे सुमन कमरे की फर्श में गिर गई, सुमन के गिरते ही संतोष के साढ़ू संपत अग्रवाल और उसके साथी अनिल सेंडे ने सुमन का गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया, सुमन की मौत के बाद लाश कार्टून में अच्छी तरह पैक कर हौसलामंद आरोपियों ने लाश पैक कार्टून बाईक में रखकर मिशन चौक स्थित बस स्टॉफ ले जाया गया, मोहर्रम की वजह से बसें बंद थी, आरोपियों द्वारा बस द्वारा सुनसान इलाके में लेजाकर लाश ठिकाने लगाने की मंशा थी, मोहर्रम का त्योहार होने से पुलिस की सक्रियता से घबराये आरोपियों ने कार्टून पैक लाश छोड़कर भाग खड़े हुये, लाश मिलने से पूरे कटनी में सनाका खिंच गया था, अंधे कत्ल के मामले में कटनी एसपी ने आरोपियों पर दस हजार का इनाम घोषित किया था, पीएम के बाद मृतिका के पांच माह का गर्भ होने की बात भी सामने आई है, एसपी ने आरोपियों को पकड़ने स्पेशल टीम बनाई थी, पुलिस ने मिशन चौक स्थित शैलेन्द्र सिंह नाम के रिक्सा चालक से पूछताछ की जिससे कुछ अहम सुराग हाथ लगे, पुलिस टीम ने मिशन चौक स्थित कई दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, पुलिस की मेहनत रंग लाई,  शुरू किया, सीसीटीवी फुटेज में बाइक पर कार्टून ले जाते आरोपियों की तस्वीर हाथ लग गई, बस फिर क्या था, पुलिस ने एक एक कर आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो अंधे कत्ल का खुलासा हो गया, पुलिस ने बताया कि अभी तीन ही आरोपी गिरफ्तार किये गये है, कुछ आरोपियों की और शामिल होने की उम्मीद है, जिनकी गिरफ्तारी की जाएगी, अपनी इस कामयाबी को कटनी एसपी मिथिलेश शुक्ला ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया के सामने पेश किया ।
  • 17
    Shares