राजघराने को किन्नर ने क्यों दी चुनौती, किसकी है ये राजनीतिक चाल !..

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अम्बिकापुर…सरगुजा की अम्बिकापुर सीट हमेशा से सुर्खियों मे रही है. सरगुजा राजपरिवार के कांग्रेस की सक्रिय राजनीति मे होने के कारण अम्बिकापुर सीट प्रदेश की हाईप्रोफाईल सीट मे शामिल रहती है. लेकिन इस बार मामला थोडा अलग है. इस बार राजपरिवार और भाजपा को एक किन्नर चुनाव मैदान मे चुनौती दे रहा है क्योकि मुस्कान किन्नर ने पिछले दिनों विधानसभा चुनाव लडने का एलान करके सबको चौंका दिया है. और ये तो सब जानते है कि ऐसे मे प्रदेश की चर्चित अम्बिकापुर विधानसभा सीट बहुचर्चित हो जाएगी.

हो सकता है ये सिसायी दांव पेंच.

अजीत जोगी से टीएस सिंहदेव की दूरियां हमेशा चर्चा मे रही है और कई बार जोगी ये कहते सुने गए है कि कांग्रेस के प्रमुख नेता भी इस चुनाव मे नहीं जीतेंगे. तो ऐसे मे कहीं ये किन्नर किसी की ऐसी ही विचारधारा से प्रभावित तो नहीं है. कि वो टीएस सिंहदेव को भले मुकाबला ना दे पाए. लेकिन कमसे कम एक चुनौती बन जाए. हालांकि आने वाले चुनाव मे ऐसे कई सियासी समीकरण है जिसके बारे मे कुछ कहना जल्दबाजी होगा. लेकिन फिलहाल मुस्कान किन्नर के चुनाव मैदान मे आने से चर्चा तो ये भी है कि मौजूदा विधायक और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंहदेव को चुनाव मे तीन तरफा घेरने का सियासी खेल शुरू हो गया है!

किन्नर चुनाव लड़े तो चर्चित हो जाती है सीट..

इतिहास गवाह है कि जब भी किसी किन्नर ने चुनावी जंग मे ताल ठोकी है चुनाव प्रचार से लेकर परिणाम तक चौंकाने वाले होते है. इसकी गवाह सोहागपुर विधायक शबनम मौसी, कटनी महापौर कमला जान, रायगढ महापौर मधु किन्नर है. जिन्होंने चुनाव लड़कर भाजपा कांग्रेस जैसे दलों को पटखनी देते हुए जीत हासिल की. लेकिन नतीजे आने के पहले लोगो को सब मजाक लग रहा था.. और नतीजे आने के बाद राजनैतिक पंडितों के हिसाब किताब गलत साबित हो गए थे. खैर अब अम्बिकापुर विधानसभा मे भाजपा, कांग्रेस, जकांछ, और नोटा के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मे मुस्कान किन्नर भी एक विकल्प होगा. गौर करने वाली बात है की पिछले चुनाव मे नोटा के नतीजों ने लोगों को चौंका दिया था. तो क्या इस बार मुस्कान?

पिछली बार नोटा ने चौंकाया था. अबकी बार ?

पिछले चुनाव में दोनो प्रमुख दलो से ऊबकर मतदाताओं तीसरे विकल्प यानी नोटा का जमकर फायदा उठाया था. और जब अम्बिकापुर विधानसभा के नतीजे आए थे तो पता चला कि नोटा के पक्ष मे मतदाताओं ने 4327 मत डाले थे. मतलब अगर पांच हजार के करीब मतदाता नोटा मे वोट डालकर ये साबित कर रहे है कि वो दोनो प्रमुख दलों से ऊब चुके है तो फिर ऐसे मतदाता नोटा विकल्प की जगह तीसरे विकल्प पर भी तो नजर इनायत कर सकता है. मतलब अपने चुनाव प्रचार से मिलने वाले वोट के अलावा मुस्कान के लिए नोटा मे पडने वाले वोट बोनस के रूप मे मिल सकते हैं.. बहरहाल जानकारी के लिए बताना जरूरी है कि 2013 के विधानसभा नतीजो मे जिले की तीनों सीटों पर नोटा तीसरे नंबर पर रही थी. लुंड्रा में 5292 अम्बिकापुर में 4327 और सीतापुर में 5996 लोगों ने नोटा का बटन दबाकर लोकतंत्र का त्यौहार था.

मुस्कान का मायानगरी कनेक्शन.

मुस्कान किन्नर अम्बिकापुर के बौरीपारा की रहने वाली है. लेकिन उसकी मुस्कान ने मायानगरी तक अपना जलवा बिखेरा है. मुस्कान किन्नर ने किन्नरों के जीवन पर बनी फिल्म हंसा एक सहयोग मे अपनी अदाकारी का जलवा बिखेर रहीं हैं. चित्रा फिल्म के बैनर तले मुंबई मे बनी इस फिल्म के निर्माता सुरेश शर्मा है और फिल्म मे मायानगरी के मंझे कलाकर सयाजी सिंदे, शरद सक्सेना, मोनालिसा और सिंगर रितु पाठक ने अपना अपना किरदार निभाया है.

इससे पहले मधु को मिली थी सफलता.

छत्तीसगढ़ में पहली बार नगर निगम चुनाव में रायगढ़ के थर्डजेंडर मधु किन्नर ने चुनावी मैदान मे ताल ठोकी थी. और उसने जीत भी दर्ज कराई थी. मधु ने रायगढ नगर निगम के महापौर पद के लिए चुनाव लडते हुए कांग्रेस और भाजपा को पटखनी दी थी और साढ़े 9 हजार मतों के भारी अंतर से जीत भी दर्ज की थी. और अब अम्बिकापुर विधानसभा चुनाव मे मुस्कान किन्नर भी चुनाव लडने को तैयार है.

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