हाथी की जान बचाने के लिए जमीन से ज्यादा वाट्सएप मे सक्रिय है वन अधिकारी… क्या बच पाएगी हाथी के बीमार बच्चे की जान?

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कोरिया… जिले के जनकपुर क्षेत्र में अपनी मस्त चाल से ग्रामीणों की समस्या के कारण बने हाथियों के दल का एक शावक हाथी बीमार पड गया है.. वैसे वन्य प्राणी के संरक्षण की जिम्मेदारी वन विभाग की होती है.. लेकिन फिलहाल मौके पर जनकपुर के पशु चिकित्सक के अलावा कोई प्रशिक्षित चिकित्सकीय दल और रेस्क्यू टीम नहीं पहुंची है.. हालांकि संवेदनशीलता दिखाने के लिए वन अधिकारियों के वाट्सएप ग्रुप मे गजब की सक्रियता नजर आ रही है…

जनकपुर के शानदार जंगल हमेशा से वन्य प्राणियों का महफूज ठिकाना रहे हैं.. लेकिन उन्ही जंगलो मे बसे बहरासी गांव के पास से आज एक बुरी खबर आई… दरअसल इलाके के जंगलो मे विचरण कर रहे 5 हाथी के दल में शामिल एक शावक बीमार पड गया है… और जानकारी ये है कि सुबह मिली इस सूचना के बाद कोई प्रभावी उपाय नहीं किया गया है… वही बीमार हाथी के उपचार के लिए समाचार लिखे जाने तक बिलासपुर और अम्बिकापुर से डॉक्टर और वाईल्ड लाइफ एक्सपर्ट की टीम रवाना होने वाली है.. लेकिन सुबह से जानकारी के बावजूद अभी तक महज एक  गैर अनुभवी पशु चिकित्सक ही मौके पर है..

इलाज मे एक बडी चुनौती

वैसे वन विभाग के डाक्टरों और एक्सपर्ट की टीम अगर मौके पर पहुंच भी जाती है.. तो उनके सामने एक बडी चुनौती ये भी है कि टीम उस शावक तक कैसे पहुंचेगा? दरअसल शावक के दल के अन्य सदस्य तो जंगल के अंदर चले भी जा रहे है.. लेकिन संभवतः उसके मां की तरह व्यवहार रखने वाला एक मादा हाथी बिमार शावक को छोडकर वहां से नहीं जा रही है.. ऐसे मे वो हाथी इलाज करने वालों पर अटैक भी कर सकती है.. लेकिन सवाल यही है कि इतने विलंब से मौके पर पहुंचने के बाद क्या वन विभाग शावक की जान बचा पाएगा?

टीम के सदस्य
बिलासपुर के कानन पेण्डारी के डॉ चन्दन , बायोलॉजिस्ट वन्यजीव संस्थान से लक्ष्मीनारायण , अंकित , अम्बिकापुर से वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ सी.के. मिश्रा और मनेन्द्रगढ से पशु चिकित्सक डां विनीत भारद्वाज मौके पर रवाना होने वाले हैं…

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