बैगा-आदिवासियों की सहूलियत के लिए चलेगी “बिरूहूलडीह एक्सप्रेस”, शासन-प्रशासन के और करीब होंगे..

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  • दूर्गम पहाड़ियों में बसे बिरहूलडिह को मिली चेक डेम,सड़क,आंगनबाड़ी केन्द्र,सोलर पॉवर पम्प की सौगात..लेक्टर ने जिले की आखिरी

कवर्धा कबीर धाम जिले के दुर्गम-वनांचल बैगा-आदिवासी बाहूल्य ग्राम बिरूहूलडीह में कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने चौपाल लगाकर वनांचल में रहने वाले बैगा-आदिवासी परिवारों के दुख-दर्द सूना और उनका सार्थक समाधान भी किया..कलेक्टर ने जनदर्शन कार्यक्रम में इस क्षेत्र के निवासियो को आश्वस्त किया था, कि उनके गांव में बैठ कर क्षेत्र की सभी छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसी क्रम में कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने गुरूवार को पंडरिया विकासखण्ड के सुदूर और दुर्गम पहाड़ियों के उपर जिले के आखिरी गांव बिरहूलडीह में आलाफसरों के साथ चौपाल लगाकर उनके सभी समस्याओं को दूर भी किया।

सतपुड़ा-मैकल पर्वतरोही श्रृंखला के दुर्गम पहाड़ियों के उपर बसे कबीरधाम जिले और पंडरिया जनपद पंचायत के बिरहुलडीह लगभग आखिरी ग्राम पंचायत है। उनके आश्रित गांव करहालू और नवागांव है। यहां के कुछ ही दूरी के बाद पहाड़ियों के उसपास मध्यप्रदेश की सीमा शुरू हो जाती है।
चौपाल कार्यक्रम में कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उम्मेद सिंह, जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी कुंदन कुमार, वनमंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर ने क्षेत्र से सभी छोटी-बड़ी समस्याओं को सुना और उन समस्याओं का मौके पर ही निराकरण भी किया।
कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने चौपाल कार्यक्रम में वनांचल मे रहने वाले बैगा-आदिवासी परिवारों से चर्चा की, कलेक्टर ने आवागन की समस्याओं को दूर चारपहिया वाहन व्यवस्था कराने के लिए आश्वस्त किया,की इस क्षेत्र के निवासियों के लिए आवागमन के लिए नया वाहन दिया जाएगा। इस वाहन से क्षेत्र के लोग अपनी उपचार कराने के लिए कुकदूर में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और पंडरिया में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आ सकते है। साथ ही क्षेत्र की अन्य समस्याओं के निराकरण करने के लिए विकाखण्ड,जनपद पंचायत और जिला मुख्यालय में आने-जाने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। वाहन मिलने से क्षेत्र की आवागन की समस्याएं दूर होगी…

कलेक्टर ने कहा कि वाहन का पूरा नियंत्रण बिरूहूलडीह ग्राम पंचायत के पास रहेगा और उनका वाहन चालक स्थानीय होगा, जिसमें पास वाहन चालक का लायसेंस होगा और अनुभवी भी होना चाहिए। इस वाहन का उपयोग आसपास के सभी ग्राम पंचायत और आश्रित गांव कर सकेंगा। कलेक्टर ने इस वाहन का नाम बिरूहूडीह एक्सप्रेस भी रखा है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस अंतिम गांव पक्की सड़कों से विकासखण्ड और जिला मुख्यालय से जुड़ गया है। इसी रास्ते की सभी छोटी-बड़ी नदी-नालों में पक्का पुल भी बन गया. है। कलेक्टर ने ग्रामीणों की मांग पर बिरूहूलडीह के आश्रित गांव करहालू में नया आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने की सैद्धांतिक सहमति दी है। आंगनबाड़ी केन्द्र में करहालू और नवागांव के बच्चे पढ़ाई करेंगे। इस नए आंगनबाड़ी केन्द्र में आंगनबाड़ी सहायिका की वैकल्पित व्यवस्था के तहत गांव की ही बैगा परिवार की आठवीं पास महिला की भर्ती की जाएगी।

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