कार्पोरेट की नौकरी छोड़ एक एकड़ पथरीली भूमि में लगा दिया सागौन..

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अंबिकापुर . पथरीली ज़मीन को हरियाली में बदलने का जूनून धंधापुर के दिलीप जायसाल पर ऐसा चढ़ा कि एक एकड़ बेकार पड़ी ज़मीन पर सागौन के पौधे लगा दिए .इन पौधों को तीन साल हो गए हैं अब ये पौधे जहाँ बड़े ही गए हैं वही इससे धरती पर हरियाली की चादर बिछ गई है .
बलरामपुर जिले के दिलीप जायसवाल बताते हैं कि वे कारपोरेट मीडिया कंपनी में काम करते थे लेकिन वे नौकरी छोड़कर गाँव पहुंचे तो देखा कि उनका एक एकड़ ज़मीन पथरीला है और उसमे कोई खेती नहीं होती .इसके बाद उन्होंने वहां सागौन के पौधे लगाने की योजना बनाई और पूरे ज़मीन में 400 से अधिक पौधे रोपे. ये पौधे अब बड़े हो रहे हैं. पौधों का ग्रोथ अच्छा हो इसके लिए खुद देखरेख में लगे रहते हैं.
दिलीप का कहना है कि इसमें परिवार के लोगों का अच्छा सहयोग मिला . क्योकि इसी साल दिलीप की शादी हुई थी . जितने साल शादी के होंगे उतने साल के पौधे भी होते जायेंगे . इमारती लकड़ी वाले पौधे लगाने से भविष्य में जहाँ वे महंगे बिकेंगे तो शुद्ध हवा भी मिलता रहेगा.
दिलीप कहते हैं कि सरकार को निजी भूमि पर इस तरह वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए .बहुत किसान ऐसा चाहते हैं लेकिन वृक्षारोपण के बाद उसकी सुरक्षा में फेंसिंग और गर्मी के दिनों में सिचाई के लिए बोरवेल नहीं करा पाते. इसके कारण किसान बड़े पैमाने में वृक्षारोपण नहीं कर पाते.

दिलीप का कहना है कि वे अपनी खाली पड़ी दूसरे प्लाट में वृक्षारोपण की तैयारी में हैं लेकिन गर्मी के दिनों में सिचाई की सुविधा आड़े आ रही है .

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