समर्थन मूल्य तो छोड़िए साहब!..यहाँ ऑनलाईन ही नही हुई धान की खरीदी..54 बोरा धान हो गया गायब…

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बलरामपुर ( रामानुजगंज पृथ्वीलाल केसरी) प्रदेश में चौथी बार भाजपा सरकार बनाने की कवायद में हैं औऱ दूसरी ओर प्रदेश के राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम के क्षेत्र में लगातार किसानों का शोषण करने वाले सहकारी समितियों के कर्मचारियों के द्वारा किये गए 1442130 रुपये के घोटाले के मामले में एफआईआर के बाद अबतक कोई कार्यवाही नही हुई है..

दरसल यह पूरा प्रकरण आदिम जाति सेवा सहकारी समिति भँवरमाल के धान उपार्जन केंद्र महावीरगंज का है.. जहाँ कुछ किसानों के धान तौल करने के बाद आज तक ऑनलाइन खरीदी नहीं हुई.. जिसके चलते पीड़ित किसान भुगतान के लिए पिछले छः महीने बैंक के चक्कर काटने पर मजबूर हैं..
इस मामले की लिखित शिकायत जनपद पंचायत रामचन्दपुर के ग्राम मितगई निवासी रविशंकर गुप्ता ने कलेक्टर से की है..पीड़ित किसान का कहना है की..उसने उपार्जन केंद्र महावीरगंज में 09 जनवरी 2018 को 54 बोरी धान की बिक्री कि थी.. लेकिन आज तक उसे धान के एवज में भुगतान नही मिला है..पीड़ित किसान पिछले छःमाह से बैंक का चक्कर काट रहा है.. क्योंकि उससे खरीदी गई धान ऑनलाइन नही की गई..

पीड़ित किसान का कहना है की.. उपार्जन केंद्र महावीरगंज में सहायक प्रबंधक एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के द्वारा उपार्जन केंद्र में डंप 54 बोरी धान का तौल करा कर उसे आश्वस्त करा दिया था..की उसके धान के एवज में राशि का भुगतान उसके खाते के माध्यम से करा दिया जाएगा..बावजूद इसके छः महीने गुजर गए उसे पैसे मिले ही नही..हैरान परेशान पीड़ित किसान ने ऑनलाइन खरीदी रजिस्टर में देखा..लेकिन उसमें उसका नाम दर्ज नही था..उसका दावा है की उसने इस सम्बंध में सहकारी समिति से सम्पर्क किया लेकिन उसे सार्थक जवाब नही मिल सका..

बता दे की यह वही उपार्जन केंद्र महावीरगंज है जहां धान खरीदी के नाम पर 1442130 रु के शासकीय राशि के गबन का मामला उजागर हुआ था.. जिसमें समिति प्रबंधक एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के  विरुद्ध धारा 409 के तहत मामला दर्ज भी हुआ है.. और उक्त समिति को भंग कर दिया गया है.. लेकिन आज तक पुुुलिस ने इस मामले में अबतक किसी भी आरोपियों की गिरफ्तारी नही की है..ऐसे में किसानों द्वारा ये आरोप लगाया जाना कि आज तक उन्हें धान का पैसा नहीं मिला है और ना ही उन्हें धान वापस किया गया है..राज्य सरकार के धान खरीदी सिस्टम पर सवालियां निशान लगा देता है..बहरहाल यह तो एक किसान की शिकायत है..क्षेत्र में कई ऐसे किसान होंगे जिनके साथ धान खरीदी के नामपर इस तरह का खेल -खेला गया होगा..

जांच करवा रहा हूँ.. कलेक्टर
वही कलेक्टर ने मामले पर जांच कराकर कार्यवाही की बात कही है..लेकिन कलेक्टर साहब की यह जांच कब तक पूरी हो पाती यह देखने और समझने वाली बात है…

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