गृहमंत्री ने जूते पहनकर किया ध्वजारोहण.. फिर कहा ये परीक्षा लेने का समय नही..!

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अम्बिकापुर देश को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा के मंत्री की समझ आज हम आपको बताने जा रहे है.. पहले तो मंत्री जी ने जूता पहने पहने ही ध्वजारोहण कर दिया और फिर बड़ी शान से कहा की जूता पहनना कोई अपराध है क्या..? वही देश के इतिहास के सम्बन्ध में पूछे गए सवालों पर मंत्री जी बहाने बना कर चलते बने..

अमूमन किसी को सम्मान देने के लिए हम अपने जूते उतार देतें है.. सनातन धर्म को मानाने वाले तो किसी भी शुद्ध स्थान पर जूते पहनकर जाते ही नहीं है.. लेकिन सनातन धर्म को मानने वाले मतदाताओ के एक बड़े तपके का नेतृत्व करने वाली भाजपा के मंत्री को ये शोभा नहीं देता..

हम बात कर रहे है छतीसगढ़ प्रदेश के गृह मंत्री रामसेवक पैकरा की जिनके पास गृह के साथ साथ कई अन्य विभाग भी है.. साथ ही सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री भी है.. और इस लिहाज से आज संभाग मुख्यालय के मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर उनके द्वारा ध्वजा रोहण किया गया.. इस दौरान मंत्री जी ने अपने जूते उतारना भी मुनासिब नहीं समझा.. और पूछे जाने पर कह दिया जूता पहनना कोई अपराध है क्या..

वही हमने सोचा की जब जूता पहनकर तिरंगा फहराना मंत्री जी को गलत नहीं लगता है तो उनसे थोड़ी समस्या ज्ञान की बातें भी पूछ ली जाए.. लिहाजा उनसे देश के प्रथम राष्ट्रपति का नाम पूछ लिया जिसका जवाब सोच कर देते हुए उन्होंने बड़े ही सहजता से बताया की वो अपने राजेन्द्र जी थे..

वही संविधान निर्माता का नाम पूछने पर मंत्री जी शायद बुरा मान गए और यह कह कर चलता कर लिए की यह परिक्षा लेने का वक्त नहीं है..

बहरहाल जिनके कंधो पर समाज निर्माण की जिम्मेदारी है.. उनकी समझ आज आपके सामने है आप खुद सुन चुके है की प्रदेश के जिम्मेदार मंत्री की समझ कितनी और कैसी है.. जाहिर है की जूता पहनकर झंडा फहराने की मनाही सीधे तौर पर ध्वज संहिता में नही है.. लेकिन यह भी उल्लेख है की ध्वज का अपमान नहीं होना चाहिए.. अब जूता पहन कर द्वाजारोहन करना अपमान है या नहीं इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते है..

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