महिलाओं के कारण लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ इस रेलवे स्टेशन का नाम

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भारत की महिलायें अब हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहीं हैं। हाल ही में एक रेलवे स्टेशन का नाम महिलाओं के कारण लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। वर्तमान समाज में प्राचीन समय से ही पुरुष प्रधान सोच हावी रही है। इस कारण पुरातन समय में महिलायें वह सब नहीं कर पाई जो आज की स्त्री कर रही है। आज देश-विदेश के हर क्षेत्र में महिलाओं की बड़ी भागीदारी सामने आती है। बहुत से न्यूज़ चैनल ऐसी स्त्रियों के जीवन को दिखाते हैं जिन्होंने संकीर्ण सोच तथा समाज के दायरे से अलग होकर कुछ नया किया और अपने व्यक्तित्व को दुनिया के सामने रखा।

इसी क्रम में आज हम आपको मुंबई के माटुंगा रेलवे स्टेशन के बारे में बता रहें हैं। इस स्टेशन की खास बात यह है कि यहां पर सभी कार्य स्त्री कर्मचारी ही करती हैं। प्रत्येक कार्य के लिए महिलायें ही यहां पर तैनात है। अब इस रेलवे स्टेशन का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने वाला है। यहां की एक अधिकारी ने इस बात का पूरा क्रेडिट सेंट्रल रेलवे के जनरल मैनेजर डी के शर्मा को देते हुए कहा है कि “उनकी स्त्रियों को सशक्त बनाने की मुहीम के कारण ही यह सब संभव हो सका है। इस स्टेशन पर सभी कार्यों के लिए महिलाओं की तैनाती करने के बाद यह स्टेशन महज 6 माह में ही लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए चयनित हो गया है। अब जल्दी ही इसका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो जायेगा।”

आपको बता दें कि जुलाई 2017 से यह स्टेशन महिलाओं के द्वारा ही चलाया जा रहा है। इस स्टेशन पर टिकिट चैकर से लेकर स्टेशन मास्टर तक सभी कार्यों पर महिलाओं को ही लगाया गया है। वर्तमान में इस स्टेशन पर 41 महिलायें कार्यरत है और स्टेशन मैनेजर के रूप में यहां ममता कुलकर्णी हैं जो कि मुंबई डिवीजन में पहली महिला स्टेशन मैनेजर हैं। न सिर्फ दिन बल्कि रात के समय में भी यहां महिलायें सभी कार्यों को अच्छे से खत्म करती हैं। कुल मिलाकर महिलाओं ने इस बात को साबित कर दिया है कि वे पुरुषों से किसी भी कार्य में कम नहीं हैं बल्कि आगे ही हैं।

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