Thursday , December 14 2017
Home / breakings / इस जिले में नक्सली मूवमेंट फिर तेज़,, जान बचाने कलेक्टर के पास पहुंचे ग्रामीण,,

इस जिले में नक्सली मूवमेंट फिर तेज़,, जान बचाने कलेक्टर के पास पहुंचे ग्रामीण,,

बलरामपुर (कृष्ण मोहन कुमार) कलेक्टोरेट परिसर में आम दिनों की तरह सामान्य तरीके से कामकाज का सुचारू तौर पर संचालन हो रहा  था,इसी बीच मुख्यालय के सन्नाटे को चीरते हुए जिले के नक्सल प्रभावित इलाके के चुनचुना पुंदाग के सैकड़ो ग्रामीण सामरी विधायक प्रीतम राम के नेतृत्व में कलेक्टोरेट परिसर में आ धमके,मौके की नजाकत को समझते हुए स्वयं पुलिस कप्तान डीआर आँचला ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऑप्स पंकज शुक्ला, दल बल समेत पहुँचे, और लगभग चुनचुना पुंदाग के ग्रामीणों से चर्चा की। पुलिस अधिकारियों से चर्चा करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि उनकी केवल एक ही मांग है,की उन्हें उक्त ग्रामो से विस्थापित कर सुरक्षित स्थानों पर जगह दी जाए ,और वे इस सम्बंध में कलेक्टर अवनीश शरण से मिलना चाह रहे है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उक्त क्षेत्र में नक्सलियों की आमद रफ्त से उनका जीना दुभर हो गया है,कभी उन्हें पुलिस परेशान करती है,तो कभी लाल आतंक के साये उन्हें सताते है। वही एक सवाल के जवाब में ग्रामीणों का कहना है कि,उन्हें नक्सलि बेवजह परेशान करते है,जिस वजह से उन्हें राशन सामग्री भी सही समय पर नही मिल पाती है।

बूढ़ा पहाड़ पर सक्रिय रहते है-नक्सली,

वही नक्सल आपरेशन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कहना है,की छत्तीसगढ़ पुलिस कभी भी ग्रामीणों को परेशान नही करती है,इसके साथ ही उन्होंने माना कि चुनचुना पुंदाग के बीहड़ और सुदूर वनांचल से घिरे बूढ़ा पहाड़ पर नक्सलियों की आमद रफ्त होती है,और समय समय पर आपरेशन लांच किए जाते है।

सड़क बनने के बाद मुख्यधारा से जुड़ेंगे ग्रामीण-अवनीश,

ग्रामीणों से लगभग पौन घण्टे की चर्चा के बाद कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को गम्भीरता से सुना है,और ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चुनचुना पुंदाग में सड़क निर्माण का कार्य जारी है,जिसके बाद वे शासन की योजनाओं का सहज ही लाभ ले सकते है।

अहिंसा का पाठ पढ़ाते दिखे-आँचला,

अपनी व्यथा बताने पहुँचे ग्रामीणों से पहले एसपी डीआर आँचला मुखतातिब हुए,उन्होंने ग्रामीणों की व्यथा को सुना और उन्हें अहिंसा का पाठ पढ़ाया ,एसपी साहब का यह रूप तो आज पहली बार देखने को मिला ,जब ग्रामीण नक्सलियों के भय से गाँव छोड़ने पर मजबूर है।

Check Also

होशियार… क्योकि आपके वाहन की डिक्की भी ऐसे ही खुल सकती है…!

ताला अलीगढ़ का ही क्यो ना हो, शातिर अपराधी उसकी चाभी खोज ही लेता है,,, …

Leave a Reply