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तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 23.86 करोड़ का बोनस वितरित…

वनांचल के लोगों की आजीविका एवं संस्कृति से जुड़ा हुआ है तेन्दूपत्ता संग्रहण – मुख्यमंत्री डॉ. सिंह    
151.27 करोड़ से अधिक विकास कार्यो की सौगात 
ढ़ाई हजार हितग्राहियों को करीब 7 करोड़ की सामग्री का वितरण 
     
अम्बिकापुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ जनपद पंचायत के दोहना ग्राम में आयोजित तेन्दूपत्ता बोनस तिहार में बलरामपुर-रामानुजगंज एवं सरगुजा जिले के 1 लाख 20 हजार 725 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 23 करोड़ 86 लाख 6 हजार 411 रूपए का बोनस वितरण किया। इसके साथ ही 1 अरब 3 करोड़ 52 लाख 78 हजार रूपए के विकास कार्यो का लोकार्पण तथा 47 करोड़ 75 लाख 16 हजार रूपए के विकास कार्यो का षिलान्यास किया गया। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत 2 हजार 476 हितग्राहियों को 6 करोड़ 86 लाख 62 हजार रूपए की सामग्री का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा शंकरगढ़ में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय प्रारंभ करने तथा कुसमी के मॉडल स्कूल को डीएव्ही विद्यालय में परिवर्तित करने की घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि स्काई योजना के तहत 55 लाख लोगों को स्मार्ट फोन निःषुल्क प्रदान किया जाएगा, जिसमें सभी शासकीय योजनाओं का विवरण उपलब्ध होगा साथ ही वे मुख्यमंत्री से बात कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों का जुड़ाव वन सम्पदा से रहा है। वनों के आसपास जीवन निर्वहन करने के कारण तेन्दूपत्ता संग्रहण यहां के लोगों के जीवन संस्कृति से जुड़ा है। क्षेत्र में बहुतायत में वन सम्पदा की उपलब्धता से तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों द्वारा पर्याप्त मात्रा में तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया जाता है। उन्होंने कहा कि शुरूआती दौर में तेन्दूपत्ता की दर 400 से 450 रूपए प्रति मानक बोरा थी जिसे बढा़कर अब 1800 रूपए किया गया था और अब 2500 रूपए प्रति मानक बोरा कर दिया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक राषि के साथ ही संग्राहक परिवारों को अब बोनस की राषि भी दी जा रही है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। संग्राहकों को तेन्दूपत्ता संग्रहण के दौरान सहूलियत की दृष्टि से चरण-पादुका प्रदान किया जाता है तथा उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। तेन्दूपत्ता संग्राहकांं के बच्चों का मेडिकल एवं आई.आई.टी. में चयनित होने पर क्रमषः 25-25 हजार एवं 50-50 हजार रूपए की प्रोत्साहन राषि दी जाती है।
डॉ. रमन सिंह ने बताया कि ग्रामीण माताओं और बहनों को भोजन पकाते समय धुएं का सामना करना पड़ता था, जिसे दृष्टिगत रखते हुए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत मात्र 200 रूपए में गैस कनेक्षन उपलब्ध कराते हुए बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के लगभग 55 हजार लोगों को धुएं से मुक्त रसोई की सुविधा दी गई है। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के उद्देष्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 16 हजार 500 लोगों के पक्के आवास निर्मित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देष्य से लाडली बेटी योजना का संचालन किया जा रहा है, जिसके तहत बालिका के 18 वर्ष पूरे होते तक लगभग 1 लाख रूपए की राषि उसके खाते में जमा हो जाती है।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने बताया कि लोगों की आवष्यकताओं को दृष्टिगत रखकर अनेक जनकल्याणकारी शासकीय योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से शासकीय योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाने में महती भूमिका का निर्वहन करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री प्रत्येक व्यक्ति को भरपेट भोजन उपलब्ध कराने के उद्देष्य से मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना का संचालन किया जा रहा है तथा गरीबों के साथ ही अमीर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देष्य से 50 हजार रूपए तक की चिकित्सा सुविधा निःषुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के लोग बड़े मेहनती और ईमानदार लोग हैं।
वन मंत्री महेष गागड़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हीं की बदौलत आज अच्छा पारिश्रमिक के साथ ही बोनस भी मिल रहा है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर तो तेन्दूपत्ता संग्राहकों को तेन्दूपत्ता संग्रहण की राषि से अधिक राषि बोनस के रूप में प्राप्त हो रहा है। गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि 2003 के बाद चाहे बस्तर हो या सरगुजा हर क्षेत्र में विकास के कार्य तेजी से हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी हुए विकास को देखा और महसूस किया है। श्रम खेल एवं युवा कल्याण तथा जिले के प्रभारी मंत्री भैयालाल राजवाड़े ने कहा कि गांव गरीब और किसानों के हित में जनकल्याणकारी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए वे जिला प्रभारी मंत्री होने के नाते आवष्यक प्रयास करूंगा। सांसद कमलभान सिंह ने कहा कि क्षेत्र के विकास में पूर्व सांसद लरंगसाय का विषेष योगदान रहा है। साथ ही वर्तमान शासन में क्षेत्र का तीव्रतर विकास सुनिष्चित हुआ है। बलरामपुर जिले के कलेक्टर अवनीष कुमार शरण ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर छŸासगढ़ राज्य लघुवनोपज सहकारी संघ के अध्यक्ष भरत साय, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव सी.के. खेतान, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, सरगुजा जिले की जिला पंचायत  अध्यक्ष श्रीमती फुलेष्वरी सिंह, सरगुजा संभाग के कमिष्नर अविनाष चम्पावत, पुलिस महानिरीक्षक हिमांषु गुप्ता, सरगुजा कलेक्टर श्रीमती किरण कौषल और जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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