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प्राइवेट स्कूलों में एक सेमेस्टर कम्प्लीट… और सरकारी स्कूलों में अभी ड्रेस नहीं बंटा : कांग्रेस

रायपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाये है.. प्रदेश में आधा शिक्षा सत्र बीत जाने के बाद भी छात्रो को यूनिफार्म ना मिलने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार का यह दावा खोखला साबित हुआ है कि शिक्षा सत्र के प्रारंभ होते ही छात्र-छात्राओं को पूरे राज्य में पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ यूनीफार्म दे दिया जायेगा। जहां प्रत्येक जिलों में पाठ्य पुस्तकों के आबंटन में विलंब किया गया है, वहीं बच्चों को ड्रेस प्रदान करने में देरी की जा रही है। कई जिलों एवं विकासखंडों में अभी तक यूनीफार्म का आबंटन नहीं किया गया है, फलस्वरूप बच्चे फटे-पुराने ड्रेस अथवा बिना यूनीफार्म पहने ही स्कूल जा रहे है। जबकि शिक्षण सत्र का आधा कार्यकाल समाप्ति की ओर है। पूरे राज्य में 15 लाख यूनीफार्म सप्लाई किया जाना अभी बाकी है, जिसके लिये लगभग डेढ़-दो माह का विलंब संभावित है।

राज्य सरकार ने 200 रू. प्रति यूनीफार्म की दर से सर्व शिक्षा अभियान के तहत संचालित स्कूलों के लिये 45.79 लाख यूनीफार्म छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं सहकारी विपणन संघ को सप्लाई की जिम्मेदारी दी थी जिसके लिये 98 करोड़ रू. की राशि स्वीकृत की गयी है। हाथकरघा विकास द्वारा अभी तक 30 लाख यूनीफार्म की सप्लाई की जा चुकी है और 15 लाख यूनीफार्म बच्चों को आवंटित करना अभी भी शेष है।

कांग्रेस ने सवाल किया है कि जब सरकार को मालूम है कि राजीव गांधी शिक्षा मिशन एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हर वर्ष बच्चों को यूनीफार्म और पाठ्य पुस्तक का आबंटन किया जाना है और इसके लिये बजट में डेढ़ सौ करोड़ की राशि का प्रावधान भी है, तब पहले से ही जिम्मेदारी के साथ व्यवस्था क्यों नहीं की जाती? स्व-सहायता समूहों द्वारा यूनीफार्म की सिलाई की जाती है उन्हें भी यह दायित्व पहले से ही क्यों नहीं दिया जाता?

कांग्रेस ने आशंका व्यक्त करते हुये जांच की मांग की है कि दूरस्थ वनांचलों में सर्वशिक्षा अभियान द्वारा जो आंकड़े छात्र-छात्राओं के दर्शायें जा रहे हैं, वास्तविक रूप में उतने बच्चे पढ़ रहे है अथवा नहीं? कहीं मिलीभगत से कागजों में सप्लाई दर्शा कर आंकड़ों की बाजीगरी तो नहीं की जा रही है?

प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि शिक्षा विभाग में व्यापक अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार का बोलबाला है। सरकार अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की शिक्षा और भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है, जो सरकार के कार्यो एवं नीतियों से स्पष्ट है। कांग्रेस ने समय पर बच्चों को यूनीफार्म उपलब्ध नहीं कराये जाने को गरीब बच्चों की अनदेखी करना एवं हतोत्साहित करने वाला कदम बताया है। कांग्रेस ने मांग की है कि स्कूल शिक्षा विभाग एवं राजीव गांधी शिक्षा मिशन से संचालित पाठशालाओं में बच्चों को हीन भावना से बचाने के लिये शिक्षण सत्र के प्रारंभ होते ही पाठ्य पुस्तक एवं यूनीफार्म समय पर पूरे राज्य में एक साथ उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

 

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