समर्पित चाइल्ड लाइन ने कराया मासूम विरेन्द्र का उपचार, गले मे फंसी लोहे की स्प्रिंग डाक्टरो ने निकाली..

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जषपुर नगर, ग्राम मागीटोली निवासी राजेष के  एक वर्षीय   मासूम पुत्र विरेन्द्र  के गले मे फंसी लोहे की स्प्रिंग को निकालने के लिए सिम्स बिलासपुर मे भर्ती कराया गया है । जिसका सिम्स के चिकित्सकों  द्वारा सफल आपरेषन कर लोहे की स्प्रिंग को निकाल लिया गया है।

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सिम्स के चिकित्सक डाँ.पी.सी सोनी व डाँ.आर.पी.पाण्डेय के द्वारा सफल आपरेषन किया गया,मासूम विरेन्द्र के गले मे गत दिनों  लोहे की स्प्रिंग फंस गयी थी,जिसे इलाज के लिये जषपुर के  जिला चिकित्सालय मे भर्ती कराया था लेकिन अस्पताल मे सुविधा न होने के कारण उपचार नही हो पाया था और इलाज हेतु बिलासपुर रिफर कर दिया था लेकिन परिवार की आर्थिक कमजोर होने के कारण परिजन आँपरेशन कराने मे सक्षम नही थे । इसी बीच किसी व्यक्ति को समर्पित चाइल्डलाइन 1098   के बारे मे जानकारी थी।उसने 1098 मे फोन कर बताया कि एक गरीब महिला जिसके एक वर्षीय मासूम बच्चे के गले मे लोहे की स्प्रिंग फंस गई है।चाइल्डलाइन को सूचना मिलते ही   टीम मेम्बर कमल यादव व कु.अंजना चैहान जिला चिकित्सालय पहुंचकर मासूम बच्चे के परिजन से मिलकर बच्चे को अपने सुपुर्द मे लेकर संजीवनी 108 के माध्यम से सिम्स बिलासपुर ले जाकर भर्ती कराया। जहां चिकित्सक के द्वारा एक्स-रे किया गया जिसकी रिपोर्ट मे पाया गया कि लोहे की स्प्रिंग गले मे फंसी है ,गले मे पाइप डालकर स्प्रिंग  तक पहुंचाया गया और दो दिन बाद शनिवार रात मे डाँ.पी.सी सोनी व डाँ.आर.पी.पाण्डेय के द्वारा सफल आँपरेशन कर स्प्रिंग को बाहर निकाल लिया गया है,।

 

मासूम विरेन्द का कुषल क्षेम किषोर न्याय बोर्ड की सदस्या श्रीमती हेमा शर्मा द्वारा लगातार उसकी माता जी से ली गई और उन्हें विरेन्द के स्वस्थ हो जाने की समझाईष दी। डाँ पी.सी.सोनी से चाइल्ड लाइन संचालक डाँ.संदीप शर्मा को बातचीत में बताया   कि बच्चा खतरे के बाहर है। वर्तमान में पिरेन्द सिम्स में स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। मासूम बच्चे के उपचार में निरंतर देखरेख में चाइल्ड लाइन के टीम मेम्बर कमल यादव एवं चाइल्ड लाइन बिलासपुर की टीम लगी  हुई है जो उसके पूर्ण स्वस्थ होने पर वापस जषपुर लेकर आयेगी।