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कलेक्टर का तबादला रुकवाने कलेक्टर के सामने ही धारा 144 का उल्लघंन…..

  • कलेक्टर के समर्थन के नाम पर कलेक्ट्रेट में धारा 144 का हुआ उलंघन 
  •  रैली के लिए नगर पालिका से पानी की व्यवस्था
  •  नपा अधिकारी ने कहा कलेक्टर के कहने पर भिजवाये थे पानी का टैंकर
  •  रैली पर उठने लगे सवाल रैली आयोजित या प्रशासन द्वारा प्रायोजित .

बालोद कलेक्टर राजेश सिंह राणा के स्थानांतरण के महज  24 घंटे के भीतर जिले के कुछ महिला समूहों द्वारा  कलेक्टर का तबादला रुकवाने के नाम हाई प्रोफाइल ड्रामा देखने को मिला । दरअसल कलेक्टर का तबादला रुकवाने के लिए जिले मे सक्रिय निर्भया दल व भारत माता वाहिनी की सैकड़ो महिलाए कलेक्टर के समर्थन में खुलकर सामने आई और धारा 144 का उलंघन करते हुए पूरी भीड़ कलेक्टर कार्यालय तक पहुॅंच गई ।  इतना ही नही कलेक्टर का ट्रांसफर रुकवाने के लिए इन महिलाओ ने कलेक्ट्रेट मे जमकर नारेबाजी की और फिर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपा । गौरतलब है कि हाल ही में  राज्य शासन ने कई आईएएस अफसरो का तबादला किया है। जिसम जिले के कलेक्टर राजेश सिंह राणा को बालोद से स्थानातरित करके बलौदाबाजार कलेक्टर बना दिया गया है।

महिलाओ द्वारा नारेबाजी करके हुए कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन मे कलेक्टर राजेश सिंह राणा के स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग की गई है और मांग पूरी नही होने पर उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी गई है । महिलाओ का माने तो इस कलेक्टर के द्वारा जिले मे बेहतर कार्य किया जा रहा है । उन्ही की बदौलत आज निर्भया दल व भारत माता वाहिनी के माध्यम से महिलाये जिले मे सामने आ रही है । महिलाओ ने ज्ञापन मे ये भी लिखा है कि कलेक्टर को अभी कुछ समय इस जिले मे और भी रहने की जरूरत है । जिससे कई अच्छे कार्य जिनकी शुरूआत इनके द्वारा की गई है वह बेहतर ढ़ंग से इनके माध्यम से हो पायेगा। इस प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारी महिलाए अपनी मांगो को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने रायपुर भी गई है ।

गौरतलब है कि पिछले दिनों अपने सुराज अभियान के तहत मुख्यमंत्री 2 दिनों के लिए बालोद प्रवास पर थे । जहां स्थानीय सर्किट हाउस में भाजपा के कई मंडल अध्यक्ष व जनप्रतिनिधियो द्वारा कलेक्टर के खिलाफ मुख्यमंत्री से शिकायत की गई थी । तो वहीँ समाधान आंकलन शिविर में भी कलेक्टर को हटाये जाने की मांग एक स्थानीय पत्रकार  व सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के द्वारा की गई थी । इधर जानकारी के मुताबिक रैली मे उन महिलाओ की बहुताय थी जिनको शासन की योजना का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा आज कलेक्टर का तबादला रुकवाने मुख्यमंत्री से मिलने वालो में नगर के कुछ प्रबुद्धजीवीयो का भी नाम सामने आया  । जिनको लेकर भी शहर में कई तरह तरह की चर्चाओ ने जोर पकड लिया है।

धारा 144 के उल्घंन मे कुछ ने की मदद

सूत्रों कि माने तो इस पुरे घटनाक्रम को जिले के ही कुछ अधिकरियो की मदद भी मिली है साथ ही 144 धारा का उल्लघंन करने वाली इस रैली के लिए नगर पालिका ने द्वारा पानी का टैंकर उपलब्ध कराया गया था।  हालाकि इस मामले में मुख्य नगर पालिका अधिकारी से पूछने पर उन्होने बताया कि कि कलेक्टर साहब का फ़ोन आया कि कुछ ग्रामीण आये है उनके लिए पानी टेंकर की व्यवस्था करना है , जिसके बाद हमारे द्वारा पुराने कलेक्टोरेट में टेंकर भिजवा दिया गया था ।  बहरहाल बडा सवाल ये है कि आज तक हुई ज्यादातर रैलियों को जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन सख्ती से मुख्य गेट के बाहर रोकवा देता था।  वहीँ आज अचानक आयोजित की इस रैली पर जिला प्रशासन मेहरबान क्यों ,, खैर ये जानना दिलचस्प होगा कि  क्या वास्तव में ये रैली स्वस्फूर्त निकाली गई थी .. या फिर इसको किसी ने प्रायोजित करवाया था ?

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