धरना प्रदर्शन..आन्दोलन कर शान्ति भंग के प्रयास पर प्रशासन सख्त..

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  • पुतला दहन और समपत्तियो को नुकसान पहुंचाना प्रतिबंधित
  • जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में लिये गये अनेक निर्णय
अम्बिकापुर
सरगुजा जिले के सीमा क्षेत्र में सभाओं, रैली, जुलूस, प्रदर्षन, धरना, हड़ताल आदि के दौरान शासकीय एवं निजी समपत्तियो को नुकसान पहुंचाना, पुतला दहन, तोड़-फोड़ एवं टायर आदि जलाकर मार्ग अवरूद्ध कर यातायात बाधित करने तथा आम नागरिकों में दहषत फैलाना पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह निर्णय आज यहॉ कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सम्पन्न जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की  बैठक में लिया गया।
बैठक में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी भीम सिंह ने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए धारा 144 दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के अन्तर्गत प्रदाय शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभा, रैली, जुलूस, प्रदर्षन, धरना आदि में किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ, अस्त्र-षस्त्र, धारदार घातक हथियार आदि लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। धार्मिक परम्परा अनुसार रखे जाने वाले कृपाण आदि पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। उन्होने कहा कि सोशल मीडिया पर धार्मिक एवं जातिगत टिप्पणी करने से बचना चाहिए। बैठक में विचार-विमर्श के बाद यह तय किया गया कि किसी भी धरना प्रदर्शन करने के तीन दिन पहले और कम से कम 24 घंटे पूर्व प्रशासन (संबंधित एसडीएम) को लिखित सूचना देना आवश्यक है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि गाँधी चौक स्थित डाटा सेन्टर के सामने ही धरना प्रदर्शन के लिए स्थल निर्धारित किया गया है तथा बड़ी सभा के लिए डाईट मैदान को चिन्हांकित किया गया है। कोई भी राजनीतिक दल या संगठन के लोग अब नियत स्थान के अलावा कहीं भी धरना प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे।
कलेक्टर भीम सिंह ने बताया कि सभा, रैली, जुलूस, प्रदर्षन, धरना, हड़ताल आदि में लाउड स्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्र आदि के उपयोग किये जाने से पहले संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी, कार्यपालिक दण्डाधिकारी के अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही विभिन्न सभाओं, रैली, जुलूस, प्रदर्षन, धरना, हड़ताल आदि करने से पहले संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी, कार्यपालिक दण्डाधिकारी के अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा। यह आदेष सभी प्रकार के दलों, संगठनों, संघो तथा आम जनता पर लागू होगा। इस आदेष का उल्लघंन करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध धारा 188, भारतीय दण्ड विधान के अन्तर्गत अभियोजन की कार्यवाही की जायेगी।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आर.एस नायक, अपर कलेक्टर एस.एन. राम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.के. साहू, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अम्बिकापुर पुष्पेन्द्र शर्मा, राज्य सहकारी बैंक के संचालक मण्डल के सदस्य अखिलेश सोनी, भारतीय स्काउट्स गाईड्स के जिलाध्यक्ष अनुराग सिंह देव, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष जन्मेजय मिश्रा,  पार्षद आलोक दुबे, अजय अग्रवाल तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा जिला शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे।