अनोखी शादी जहां गिफ्ट में दूल्हा दुल्हन को दीं गई नई और पुरानी पुस्तके

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कोरबा 
प्रशांत ने वैसे तो अपनी शादी में जरूरतमंदों के लिए किताबे मांगकर समाज के लिए मिशाल पेश की मगर प्रशांत शुरू से ही इस तरह के कार्यो में रहा है जिससे उसकी छवि समाजसेवी की बन गई है वही दूसरी तरफ शादी में पहुचे लोगो ने भी प्रशान्त के इस कार्य की सराहना की और खुद भी इस तरह के कार्यो को करने का संकल्प लिया।  कोरबा के दीपका में रहने वाले प्रशांत बचपन से ही दुसरो की मदद के लिए आगे रहे है और आज वो समाज की सेवा कर रहे है फिर वो जरुरत मंद बच्चो के लिए शिक्षा की व्यवस्था करने की हो, उन्हें मुफ्त टीयूसन देने की हो या फिर जरूरतमन्दों को ब्लड देने की प्रशांत और उनकी टीम इसके लिए कार्य करती रही है और प्रशान्त के रिश्तेदारों का कहना है कि प्रशान्त के कार्य से एक नई दिशा समाज को मिली है और उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह से प्रशान्त बच्चो के लिए किताबे इकट्ठी कर रहे है उससे वो एक दिन देश का सबसे बड़ा पुस्तकालय संगृहीत कर लेंगे जिसका लाभ लोग ले सकेंगे ।
इस शादी में आये लोग भी प्रशान्त के इस प्रयाश की जमकर सराहना करते नहीं थके और उन्होंने भी कहा कि इससे उन्हें भी सीख मिली है कि उनके छोटे छोटे से प्रयाश से समाज के बड़े समूह का भला हो सकता है.. यहाँ पहुचे लोगो ने प्रशान्त की जमकर तारीफ करते हुए खुद भी संकल्प लिया की इस तरह के प्रयास वो भी जारी रखेंगे ताकि इससे लोगो का भला हो सके। बहरहाल शादी में पहुचे मेहमान थोड़ी देर के लिए अचरज में तो जरूर पड़े मगर उन्होंने इस शादी के सादगी और समाजसेवी प्रयाश की सराहना करते हुए नवजोड़े को आशीर्वाद प्रदान करते हुए खुद समाजसेवी पहल करने का प्रण लिया।
शादी में उपहार मिलना वैसे तो आम बात है इसमें गहने, नगदी, घर के साज सज्जा के सामान भी आम है मगर यदि शादी के बाद नवदम्पत्तियों को उपहार में किताबे मिले तो ये कुछ ख़ास हो जाता है चलिए आज आपको एक ऐसी ही शादी में लिए चलते है जहाँ की शादी तो आम शादियों जैसी ही थी मगर यहाँ मिलने वाले उपहार ने इसे ख़ास बना दिया.. शादी के उत्सव में नाच गाना, साज सज्जा, और तरह तरह के पकवान आप कहेंगे इसमें ख़ास क्या है तो आपको इस शादी की खासियत से भी रूबरू कराएंगे मगर इसके पहले जानिये दूल्हे प्रशांत महतो और दुल्हन बॉबी से जिनके दाम्पत्य जीवन की शुरुवात के साथ ही इन्होंने एक नई शुरुवात समाज के लिए भी की है.. दरअसल प्रशांत पेशे से इंजिनियर है मगर इनकी समाज सेवा के प्रति रूचि शुरू से रही है यही कारण है कि प्रशांत चरामेती संस्थान के जरिये जरूरतमंदों की सेवा करते है और ऐसी ही सेवा भावना प्रशांत ने अपनी शादी में भी दिखाई जिसमे उन्होंने मेहमानों से शादी में गिफ्ट के बदले नए पुराने किताबो की मांग की जिसका मकसद था कि इन किताबो से जरूरतमंद बच्चो की मदद की जा सके..
प्रशांत के इस अनूठी मांग को लोगो ने भी हाथो हाथ लिया और रिसेप्सन में मौजूद नव जोड़े को किताबे भेंट कर उन्हें शुभकामनाये दी.. इधर अपने अनुरोध को लोगो से अच्छा प्रतिशाद मिलने पर प्रशांत भी काफी उत्साहित है और उनका कहना है कि इस तरह के नए पहल कर वो समाज को कुछ न कुछ देते ही रहेंगे,,, सबसे दिलचस्प बात ये की प्रशान्त की इस नेक पहल से उनकी जीवन संगिनी भी काफी खुश है और हर कदम पर प्रशांत का साथ देने की बात कह रही है। प्रशांत की ये पहल करीब दो साल पहले शुरू हुई थी जिसमे उनकी पूरी टीम ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और यही कारण है कि अब तक उनकी संस्था करीब 50 हजार से ज्यादा किताबे जमा कर चुकी है और उन्हें जरूरतमंदों को उपलब्ध करा रही है,,, प्रशांत के साथियो का कहना है कि शादी में भी उन्हें स्कूली और काप्टेटिव किताबे मिली है जिन्हे अब वो जरूरतमंद बच्चो को उपलब्ध करा उनकी पढ़ाई में मदद करेंगे और उनकी टीम का ये प्रयाश आगे भी जारी रहेगा।   बहरहाल इस शादी में एक अनूठी शुरुवात कर प्रशांत ने ये साबित कर दिया की इंसान अगर चाहे तो अपनी खुशियों में समाज के उन जरूरतमंदों को भी खुशियां बांटी जा सकती है जो अब तक उपेक्षा का शिकार रहे है।