नाराज योगी ने मंत्रियों को लिखी चिट्ठी, दी चेतावनी

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लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फरमान के बावजूद योगी सरकार के ज्यादातर मंत्रियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं सौंपा है। मंत्रियों द्वारा संपत्ति का ब्योरा न दिए जाने से नाराज सीएम ने चिट्ठी लिख मंत्रियों को बुधवार तक ब्योरा सौंपने का अल्टीमेटम दिया है।

सूत्रों के मुताबिक सीएम के आदेश के बाद भी सिर्फ 13 मंत्रियों ने ही अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया है। इसी से नाराज मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को बुधवार तक ब्योरा देने का अल्टीमेटम दिया है। मंत्रियों को लिखे पत्र में सीएम ने कुछ हिदायतें भी दी हैं।

‘5 हजार रुपए से ज्यादा का उपहार लेने से बचें मंत्री’
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को 5 हजार से ज्यादा का उपहार न लेने की ताकीद भी की है। साथ ही मंत्रियों को बेवजह की दावतों से दूर रहने की सलाह दी है। सीएम ने पत्र के माध्यम से सभी मंत्रियों को शासकीय दौरे में निजी आवास या फिर सर्किट हाउस में ठहरने के साथ किसी भी आडम्बर से बचने की सलाह भी दी है। मंत्रियों से हर साल 31 मार्च तक परिसंपत्तियों का ब्योरा देने को भी कहा गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी तीसरी कैबिनेट की बैठक मंगलवार को बुलाई है। मंगलवार शाम को पांच बजे होने वाली कैबिनेट की बैठक में सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट को मंजूरी मिल सकती है। यह रिपोर्ट कैबिनेट के सामने रखी जाएगी। अगर कैबिनेट की मंजूरी मिल जाती है, तो इसके बाद रिपोर्ट को फिर विधानसभा सत्र में रखा जाएगा। सीएजी की रिपोर्ट में अलग-अलग विभागों का ब्योरा होता है।

आ सकती है नई तबादला नीति
इसके अलावा मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में नई तबादला नीति भी रखी जा सकती है। इसमें पुरानी नीति से कुछ बदलाव किए जाएंगे। पुरानी तबादला नीति में एक जिले में छह साल से जमे और मंडल में दस साल से जमे अफसर हटाए जाते रहे हैं। अब नई नीति में जिले में जमे अफसरों के लिए सीमा पांच साल और मंडल में जमे अफसरों के लिए सात साल करने की तैयारी है। इसके साथ ही गोरखपुर मेट्रो की डीपीआर तैयार करने को भी मंजूरी कैबिनेट बैठक में दी जा सकती है। बिजली विभाग में समूह ‘ग’ और ‘घ’ की भर्तियों की प्रक्रिया में भी बदलाव का प्रस्ताव बैठक में लाया जा सकता है। बैठक में सरकार की ओर से ई-टेंडरिंग को अनिवार्य करने की तैयारी है। सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि ठेकों मे पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जाए।