समाज में जो सबसे गरीब, सरकार के वह सबसे करीब : डॉ. रमन सिंह

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मुख्यमंत्री ने किया डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि समाज में जो सबसे गरीब हैं वे लोग ही सरकार के सबसे करीब है। सरकार का पूरा ध्यान इन गरीबों को ऊपर उठाकर समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना है। भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने भी संविधान में गरीबों को उत्थान को सरकारों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह आज संभागीय मुख्यालय दुर्ग मेें जिला कलेक्टोरेट परिसर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की आदमकद प्रतिमा के अनावरण के बाद आयोजित सभा को सम्बोधित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता राज्य सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने की। समारोह का आयोजन छत्तीसगढ़ बौद्ध महापंचायत एवं बोधिसत्व महिला मण्डल द्वारा किया गया।
मुख्य अतिथि की आसंदी से डॉ. रमन सिंह ने जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने नियम-नीति और संविधान निर्माण के साथ ही समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतिया,ं अस्पृश्यता, छूआछूत, सामाजिक भेदभाव को भूलाकर आपसी भाई-चारा, सामाजिक सद्भाव, सामाजिक सौहार्द्र के साथ रहने की प्रेरणा दिया है। उन्होंने अपने पूरा जीवनकाल समाज में व्याप्त बुराईयों को दूर करने के साथ ही स्वाभिमान से जीने का मार्ग प्रशस्त किया है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर करोड़ों लोगों के आशा और विश्वास के प्रतीक है। भेदभाव रहित समाज निर्माण का रास्ता उन्होंने दिखाया है। मुख्यमंत्री कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर गरीबी से ऊपर उठकर आत्म विश्वास के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज के हर तबके के कल्याण के लिए कार्य किया है। वह किसी एक समाज तक सीमित नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए महामानव और मसीहा के समान हैं। उनके विचार कालजयी है। उनके विचार, सोच और कल्पना से समाज में विकास हो रहा है। यह देश मेरा है, यहां की मिट्टी और पानी अपनी है, ऐसे विचार और भाव रख कर समाज और देश के लिए कुछ करने की जज्बा पैदा करने वाले विचारक थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिभा को देखते हुए प्रथम मंत्री मंत्रीमण्डल में उन्हें कानून मंत्री जैसे उच्च पद पर आसीन होने का मौका मिला। उनमें अद्भूत प्रतिभा थी, अपनी प्रतिभा के दम पर वह अनेक महत्वपूर्ण पदों पर काम कर सकते थे लेकिन उन्होंने संघर्ष की राह चुनकर समाज के कल्याण का रास्ता अपनाया।
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर की कल्पना के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य अंत्योदय के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। अंतिम पंक्ति के आखिरी व्यक्ति को अधिकार मिले, ऐसे लोगों को चिन्हांकित कर उनके कल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो सबसे गरीब सरकार के सबसे करीब है। छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा, समाज के विकास, विकास में भागीदारी इन लोगों को बनाने का कार्य कर रही है। सरकार के 13 साल के कार्यकाल में लोगों का मिले समर्थन, विश्वास के प्रति आभार प्रकट करते हुए सबका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि दुर्ग जिला मुख्यालय में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण होने से बहुप्रतिक्षित मांग का सपना साकार हुआ है। उन्हांेने कहा कि कार्यपालिका, न्यायपालिका और व्यवस्थापिका तीनों को समान रूप से नियंत्रित करने वाले संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा हमें अपने दायित्व और कर्त्तव्यों के उत्तरदायित्व को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर संपूर्ण मानव समाज के लिए मसीहा थे, जिन्होंने समाज के सभी वर्ग के लोगों को अंगीकृत करने का कार्य किया है। दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती चंद्रिका चन्द्राकर ने भी लोकार्पण कार्यक्रम को सम्बोधित किया। स्वागत भाषण महाराष्ट्र के विधायक जोगेन्द्र कवाड़े ने दिया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, राज्यसभा सांसद भूषण जांगड़े, अहिवारा विधायक सांवला राम डाहरे, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती माया बेलचंदन, पूर्व मंत्री हेमचंद यादव, बौद्ध महा- पंचायत भगवान दास जामुलकर, बोधीसत्व महिला मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती नीरा प्रकाश बोरकर सहित बौद्ध समाज के हजारों की संख्या में सम्मानीय नागरिकगण उपस्थित थे।