साउथ कोरिया से गोल्ड मेडल ले वापस लौटा हर्षित..!

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[highlight color=”black”]अम्बिकापुर[/highlight][highlight color=”red”] देश दीपक “सचिन”[/highlight]

शहर के अधिवक्ता संजय अम्बष्ट के पुत्र हर्षित अम्बष्ट ने साउथ कोरिया में आयोजित वर्ल्ड ताइक्वांडो चैम्पियन शिप में में गोल्ड मैडल हासिल कर पूरे देश का गौरव बढाया है, सरगुजा जैसे आदिवासी अंचल में रहने वाले हर्षित ने कम उम्र में ही यह कमाल कर दिखाया है, हर्षित छ वर्ष की उम्र से ही ताइक्वांडो की प्रतियोगिताओं का हिस्सा रहा है हर्षित ने दो बार नेशनल चैम्पियन सिप जीती है,,

पिछले दिनों हर्षित अम्बष्ट इंडो-भूटान चैप्म्पियनशिप में भी गोल्ड मैडल प्राप्त किया था,,हर्षित के इस टैलेंट को देखकर उसे वर्ल्ड चैम्पियनशिप में ओपन ताइक्वांडो के लिए सेलेक्ट किया गया और हर्षित ने वर्ल्ड चैम्पियन शिप में भी गोल्ड मैडल प्राप्त कर अपने शहर सहित पूरे प्रदेश व देश का मान बढाया है,,गौरतलब है की साउथ कोरिया में ताइक्वांडो मुख्यालय कुकी वाल में ताइक्वांडो की वर्ल्ड चैम्पियनशिप टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था,,इस टूर्नामेंट में 156 टीमो ने भाग लिया था और छत्तीसगढ़ के सरगुजा से गए हर्षित अम्बष्ट ने भी इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया और अपने क्षेत्र का गौरव बढाया है,,

वही वर्ल्ड चैम्पियनशिप में गोल्ड मैडल मिलने पर हर्षित बहोत खुस है और उसने सरगुजा के सभी बच्चो से ताइक्वांडो खेलने की अपील की है,, वही हर्षित के पिता ने बताया की हर्षित बचपन से ही मेहनत कर रहा है,,और छः साल की उम्र से ही हर्षित ताइक्वांडो खेल रहा है दो बार नॅशनल खलेने के बाद इंडो-भूटान चैम्पियन शिप में भी गोल्ड मेडल पाया था,, उन्होंने यह भी बताया की हर्षित को उसके कोच गुदड़ी के लाल कहते है, क्योकि हर्षित ने सरगुजा की पथरीली जमीन पर सुविधाओं के आभाव में अपनी इबारत लिखी है,,

बहरहाल हर्षित के मुताबिक़ साउथ कोरिया में ताइक्वांडो खेल के लिए सुविधाए बहोत अधिक है,, लेकिन यहाँ पर इस खेल के लिए कोई भी विशेष व्यवस्थाये नहीं है,,अगर साऊथ कोरिया के जैसी सुविधाए यहाँ पर खिलाडियों को मिल जाए तो निश्चित ही भारत के खिलाड़ी और भी आगे बढ़ सकते है…

 

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