कबीरधाम जिले का ग्राम धनगांव एवं ढोढमा नवापारा खुले में शौच मुक्त की ओर अग्रसर

682

कवर्धा

कबीरधाम जिले के विकासखण्ड सहसपुर लोहारा के ग्राम पंचायत बिडोरा के आश्रित ग्राम धनगांव एवं ग्राम पंचायत लाखाटोला के आश्रित ग्राम ढोढमा नवापारा खुले में शौचमुक्त(ओडीएफ) होने की ओर अग्रसर है। इस गांव के ग्रामीणों के घरों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय का निर्माण हो रहा है। कवर्धा विधायक श्री अशोक साहू, जिला कलेक्टर श्री धनंजय देवांगन ने यहां ग्राम ग्राम धनगांव एवं ढोढमा नवापारा में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और ग्रामीणों को अपने घरो में शौचालय निर्माण के लिये प्रेरित किया। इस अवसर पर कवर्धा एसडीएम श्री डी.एन.कश्यप, सहसपुर लोहारा के सीईओ श्री प्रधान, सरपंच, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
इस अवसर पर कवर्धा विधायक श्री अशोक साहू ने कहा कि ग्रामीणजन स्वच्छता के लिये स्वप्रेरणा से अपने-अपने घरों में शौचालयों का निर्माण करायें और स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौचमुक्त होने की मंशा को साकार करने में सहयोग करें। उन्होंने घर परिवार एवं आसपास के वातावरण की स्वच्छता बरकरार रखने के लिये सभी ग्रामीणों से शौचालय निर्माण के लिये प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिये शौचालयों के निर्माण से जल जनित बिमारियां नहीं होगी, घर परिवार स्वस्थ्य रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित शासन की अन्य योजनाओं का लाभ उठाने के लिये ग्रामीणों से विशेष रूप से आग्रह किया।
जिला कलेक्टर श्री धनंजय देवांगन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत बिडोरा के आश्रित ग्राम धनगांव एवं ग्राम पंचायत लाखाटोला के आश्रित ग्राम ढोढमा नवापारा खुले में शौचमुक्त होने की ओर अग्रसर हो रहा है, जहां एक ओर ग्राम धनगांव में 198 परिवारों में शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इसमें से अधिकांश पूरे हो गये है। इसी प्रकार ग्राम ढोढमा नवापारा में 170 परिवारों के लिये शौचालय निर्माण कराया जायेगा और इसमें से करीब 55 परिवारों ने शौचालयों का निर्माण पूरा करा लिया है। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत में कहा कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है। उसे ध्यान में रखकर जिले में भी खुले में शौचमुक्त का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से घर की माताओं और बहनों को तमाम तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है, उन्हें बरसात के समय कीड़े-मकोड़े, सांप आदि का डर रहता है, वहीं जंगली जानवारों का भी भय रहता है। माताओं, बहनों की सम्मान और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां शौचालय बन जाने से ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि दैनिक जरूरत की हर प्रकार की वस्तुओं की उपलब्धता के लिये जिस तरह सक्रियकता के साथ ग्रामीणजन प्रयास करते है, वैसे ही शौचालयों के निर्माण को अनिवार्य आवश्यकता के रूप में लेकर इसको प्राथमिकता के साथ बनायें। उन्होंने सभी ग्रामीणों से यह भी कहा कि वे स्वच्छ भारत मिशन के इस अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभायें। जिला कलेक्टर ने इन सभी निर्मित शौचालयों के उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही पानी की व्यवस्था बनाये रखने के लिये कहा। उन्होंने बच्चों और महिलाओं से विशेष आग्रह किया कि वे अपने घर के हर सदस्य को शौचालय उपयोग के लिये प्रेरित करें और उनके व्यवहार में परिवर्तन लायें।