शहर की बेशकीमती 13 दुकानो के प्रथम तल का आबंटन रद्द : कमीश्नर न्यायालय का आदेश

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अम्बिकापुर 

सरगुजा संभाग आयुक्त ने अहम आदेश मे अम्बिकापुर की 13 बेशकीमती दुकानो के प्रथम तल का आबंटन रद्द कर दिया है। साथ ही इन दुकानो मे नगर निगम के आधिपत्य पर भी सवाल खडा कर दिया है। वैसे तो दुकानो के निर्माण पर पहले ही सरगुजा कलेक्टर ने स्टे लगा दिया था। लेकिन अब आयुक्त कोर्ट ने भी पुनरीक्षण का आवेदन निरस्त कर दिया है। दुकानदारो को मायूस कर दिया है।

अम्बिकापुर के जिला न्यायालय के सामने स्टेडियम की जमीन पर बनी इन 13 दुकानो का भविष्य अब अंधकार मे नजर आने लगा है। दरअसल दो साल पहले आरटीआई के दस्तावेजो के तहत की गई शिकायत के बाद कलेक्टर ने इन दुकानो की जमीन को नजूल भूमि बता कर दुकान के उपर प्रथम तल पर बन रही दुकानो के निर्माण पर रोक लगा दी थी। लेकिन दो वर्षो से निर्माण पर लगी रोक के बाद दुकान संचालको ने कलेक्टर के स्थगन को आयुक्त कोर्ट मे चैलेंज किया। और पुनरीक्षण का आवेदन किया। लेकिन अब संभागायुक्त ने कलेक्टर और नजूल विभाग की रिपोर्ट के आधार पर ये स्वीकार किया है कि जिन दुकानो के निर्माण का आदेश नगर निगम ने दिया है। वो शासकीय नजूल भूमि है।vis3

दरअसल पुनरीक्षणकर्ताओ के आवेदन के बाद आरटीआई कार्यकर्ता की आपत्ति के पर आयुक्त कोर्ट ने मामले को गंभीरता से निरीक्षण करते हुए , स्टेडियम काम्पेलक्स की दुकानो के निर्माण और आबंटन पर रोक लगा दी है। लेकिन दूसरी ओर निगम के सभापति संभागआयुक्त के इस फैसले को जनता के साथ कुठाराघात बता रहे है।

शहर के बीचो बीच स्थित स्टेडिमय काम्पलेक्स और जिला न्यायालय के सामने स्थित ,, 13 बेशकीमती दुकानो के आबंटन रद्द करने के बात ये बात को साफ हो गई है। कि निगम द्वारा आबंटित दुकानो पर निगम का अधिकार ही नही है। लेकिन अब देखना है,, कि इस मसले मे निगम प्रबंधन और पुनरीक्षणकर्ता दुकानदार क्या कदम उठाते है।

 

vis1दिनेश सोनी , अधिवक्ता एंव आरटीआई कार्यकर्ता 

जिला न्यायालय के सामने स्टेडियम की शासकीय नजूल भूमि मे बनी दुकानो के मामले मे मेरी शिकायत के बाद कलेक्टर ने किसी भी निर्माण पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद दुकानदारो ने इस स्थगन से क्षुब्द होकर संभाग आयुक्त कोर्ट मे पुनरीक्षण का आवेदन किया था। लेकिन संभाग आयुक्त कोर्ट ने प्रथम तल की दुकानो के निर्माण ना करने का आदेश जारी किया है। आरटीआई कार्यकर्ता ने ये भी कहा है कि ये जमीन निगम के आधिपत्य की नही बल्कि शासकीय नजूल भूमि है। इसमे कोई भी निर्माण अवैध है।

 

 

vis3त्रिलोक कपूर कुशवाहा, सभापति ,नगर निगम अम्बिकापुर

निगम सभापति त्रिलोक कपूर कुशवाहा ने निगम का पक्ष रखते हुए कहा कि दुकानो के आबंटन के लिए हमे राज्य सरकार से आदेश प्राप्त हुआ है । लेकिन अब संभागआयुक्त ने ये आदेश दिया है जिसे हमने पढा है । हमारे विधि विभाग के लोग इस पर विचार करके आगे इस आदेश पर अपील की जाएगी। साथ ही सभापति महोदय ने ये भी कहा कि ये शहर की जनता के साथ कुठाराघात है क्योकि ऐसी दुकानो से प्राप्त आय हम जनता की सुविधाओ के लिए खर्च करते है। और इस आदेश से हमे बहुत क्षति होगी ।

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